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Saturday, May 30, 2020

उड़ान परों से नहीं, हौसलों से होती है नैनपुर की इस दिव्यांग ने साबित किया


हौसले को सलाम बढ़ते कोरोना कहर के बीच नैनपुर में एक दिव्यांग जागरूकता फैलाने के साथ ही खुद मास्क बनाकर लोगो को बांट रही है.
 दिव्यांग हरा कर रोशनी सेन पेशे की एक मिशाल


नैनपुर के वार्ड नं0 6 रहने वाली गरीब घर की ओर ऊपर से विकलांग होने के कारण समाज की तमाम कठनाई के बाद भी ना हारकर पढ़ कर के आज  आंगनबाड़ी कार्यकर्ता  के रूप में नैनपुर में समाज की सेवा कर रही  है जो कि ठीक से चल भी नहीं पाती है लेकिन इनके हौसले की उड़ान में कोई कमी नहीं है... रोशनी जिस पैर से सही तरह से चल भी नहीं पाती उसी पैरों की मदद से मास्क खुद ही सिलकर जरुरतमंदों को बांट रही हैं
दिव्यांग रोशनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है जो कि पूरे समय अपने कर्तव्य का पालन करती है इसके बाद बचे हुए समय में मास्क सिलकर लोगों को बाटंती है और लोगों को जागरूक करने का भरसक प्रयास कर रही है..                                       
नैनपुर तहसील में एक दिव्यांग महिला कोरोना के खिलाफ जंग में अपना योगदान दे रही है रोशनी सेन दिव्यांग होने के चलते ठीक से चल नहीं पाती.लेकिन इनके हौसले की उड़ान में कोई कमी नहीं अपाहिज होने के बाद भी खुद गांव-गांव जाकर लोगों को इस बीमारी से बचने के लिए लॉक डाउन के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रही हैं ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को जागरूकता का अभाव देखते हुए इन्होने क्षेत्र के 250 गांवों तक पुहंचने का लक्ष्य रखा है  जहां पर ये मास्क बांटने सहित लोगों को इस कहर से बचने के लिए घरों के भीतर रहने और लॉक डाउन के पालन करने के लिए कह रही है नैनपुर तहसील मुख्यालय के वार्ड नम्बर- 6 में रहने वाली रोशनी आंगनबाड़ी में एक कार्यकर्ता के पद पर हैं लॉकडाउन के पहले ही दिन जब सुना कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने का एक उपाय मास्क भी है तभी से उन्होंने घर पर ही सिलाई मशीन में खादी के कपड़े से मास्क सिलना चालू कर लोगों के बीच बांटना शुरू कर दिया  रोशनी पैरो से नहीं चल सकती लेकिन इस तपती धूप में वो अपनी दोहरे काम को अंजाम दे रही है. रोशनी आंगनबाड़ी में रहते हुए सरकार ने जो जिम्मेदारी दी है उसे भी बखूबी निभा रही है.बाहर से आए मजदूरों की बराबर देखभाल भी करती है इतना ही रोशनी के पास अगर थोड़ा सा समय भी बच जाता है  तो वह उठा लेती है अपनी सिलाई मशीन और सिलने लगती है मास्क

इनका कहना है

 जैसे ही लॉकडाउन का ऐलान हुआ था, तब लोगों के पास मास्क नहीं थे न ही बाजार में कही उपलब्धता थी ऐसे में उन्हें लगा कि, यही समय है जब लोगों को जागरूक करने के साथ ही मास्क देकर उनकी मदद की जा सकती है रोशनी रोजाना मास्क खुद ही बनाती हैं और बांटती है

रोशनी सेन
आँगनवाड़ी कार्यकर्ता नैनपुर

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