तरवानी में पानी, सड़क, आंगनवाड़ी और राशन व्यवस्था बदहाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
नल-जल योजना बंद, 2022 से अधूरा आंगनवाड़ी भवन; राशन के लिए 10 किलोमीटर का चक्कर लगाने को मजबूर ग्रामीण
दैनिक रेवांचल टाईम्स, मंडला। जनहितकारी योजनाओं के संचालन के दावों के बीच तहसील निवास की ग्राम पंचायत डोभी अंतर्गत ग्राम तरवानी के ग्रामीण आज भी कई बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। पेयजल, सड़क, आंगनवाड़ी भवन और राशन वितरण जैसी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर तत्काल निराकरण की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव की नल-जल योजना पूरी तरह बंद पड़ी है। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं होने से बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
2022 से अधूरा पड़ा आंगनवाड़ी भवन
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आंगनवाड़ी भवन का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू किया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। अधूरा भवन छोटे बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं के सुचारू संचालन में बाधा बन रहा है।
तरवानी से डोभी तक समुचित सड़क सुविधा नहीं होने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई होती है। बारिश के दौरान यह परेशानी और बढ़ने की बात ग्रामीणों ने कही है।
दो साल से बंद राशन की घर पहुंच सेवा
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में राशन पहुंचाने वाली गाड़ी पिछले करीब दो वर्षों से बंद है। इसके कारण लोगों को राशन लेने के लिए लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन दुकान तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विशेष परेशानी होती है।
पेयजल व्यवस्था ठप, अधूरा आंगनवाड़ी भवन, सड़क का अभाव और राशन वितरण में परेशानी— ग्रामीणों का कहना है कि इन चारों समस्याओं का असर सीधे उनके रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहा है।
कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
समस्त ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभागों को मौके पर भेजकर समस्याओं का सत्यापन कराया जाए और नल-जल योजना, सड़क, आंगनवाड़ी भवन तथा राशन व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, तभी शासन की योजनाओं का उद्देश्य पूरा हो सकेगा।
लोक परोपकारी मंच मंडला ने भी ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई होने तक उनके साथ खड़े रहने का निर्णय लिया है।
