संस्कार पब्लिक हाई स्कूल सौसर में 'नवांकुर सखी' कार्यक्रम आयोजित, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
माटी पूजन, पौधारोपण और स्वच्छता अभियान के माध्यम से प्रकृति-संस्कृति संरक्षण का संदेश, मातृशक्ति और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता
दैनिक रेवांचल टाइम्स, पांढुर्णा/सौसर। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था 'यूथ ऑफ सौसर एसोसिएशन' द्वारा जिला समन्वयक अखिलेश जैन के निर्देशन में संस्कार पब्लिक हाई स्कूल, सौसर में 'नवांकुर सखी प्रकृति-संस्कृति संरक्षण : शक्ति से सृजन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, स्वच्छता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया।
पौधारोपण और वृक्ष संरक्षण का बताया महत्व
कार्यक्रम के दौरान शाला संचालक चित्रसेन रबड़े ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों को पौधारोपण और वृक्षारोपण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़ों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर वृक्षमित्र अरुण गुरुजी ठाकरे एवं संस्था अध्यक्ष योगेश सोमकुवर ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई।
माटी पूजन से स्वच्छता अभियान तक विविध गतिविधियां
परामर्शदाता गोपाल कोठे, सुनील डोंगरे तथा नगर विकास प्रस्फुटन समिति सौसर के दिनेश पाटील और हेमंत हिवरकर के सहयोग से शाला परिसर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
- भूमि सुपोषण एवं माटी पूजन
- वृक्ष पूजन एवं पौधारोपण
- शाला प्रांगण में स्वच्छता एवं साफ-सफाई अभियान
- पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की सामूहिक शपथ
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक भागीदारी और सामूहिक सहयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना रहा।
मातृशक्ति और युवाओं की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में नवांकुर संस्था के सेक्टर क्रमांक 01 के प्रतिनिधियों, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं और 'नवांकुर सखी' मातृशक्ति ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर शिक्षक सुरेश ठाकरे, सामाजिक नवांकुर संस्था से भीमराज बड़वाइक, पंकज रंगारे, अमीर धराड़े तथा मातृशक्ति से अश्विनी सहारे, सेजल पगारे और शिवानी बोडखे सहित बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रकृति संरक्षण के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए सामूहिक प्रयासों का महत्व समझाया गया। माटी पूजन, वृक्ष पूजन और पौधारोपण जैसी गतिविधियों ने प्रकृति के प्रति सम्मान तथा पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का संदेश दिया।
नवांकुर सखी कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
