नागपुर-मंडला फोर्ट नियमित ट्रेन की उम्मीद को झटका: RTI जवाब में प्रस्ताव और रेलवे बोर्ड से पत्राचार नहीं होने की जानकारी
जनवरी में विशेष ट्रेन के रूप में मिली थी सीधी कनेक्टिविटी; अब स्थायी सेवा के लिए ठोस पहल की मांग
दैनिक रेवाँचल टाईम्स - मंडला। नागपुर और मंडला के बीच सीधी नियमित रेल सेवा की उम्मीद लगाए बैठे यात्रियों के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिला एक जवाब महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रहा है। उपलब्ध RTI जवाब के अनुसार ट्रेन क्रमांक 08841/08842 नागपुर (इतवारी)-मंडला फोर्ट को नियमित अथवा स्थायी रूप से चलाने के संबंध में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय के वाणिज्य विभाग के स्तर पर प्रस्ताव तैयार किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जनवरी 2026 में इसी रूट पर विशेष ट्रेन चलने के बाद क्षेत्र के यात्रियों में नागपुर और मंडला के बीच सीधी ट्रेन को नियमित किए जाने की उम्मीद बढ़ी थी। अब RTI जवाब सामने आने के बाद यात्रियों और रेल सुविधा के लिए सक्रिय लोगों की ओर से जनप्रतिनिधियों तथा रेलवे प्रशासन से ठोस पहल की मांग उठ रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत दिए गए जवाब पत्र क्रमांक C/SECR/BSP/RTI/00361/1/26-27/808 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक कार्यालय की ओर से ट्रेन के नियमित संचालन से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी दी गई है।
RTI जवाब के अनुसार SECR मुख्यालय के वाणिज्य विभाग में इस ट्रेन को स्थायी रूप से चलाने के संबंध में कोई प्रस्ताव, नोट, व्यवहार्यता रिपोर्ट अथवा औचित्य तैयार किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार नियमितीकरण अथवा विस्तार के संबंध में रेलवे बोर्ड को पत्र अथवा अनुशंसा भेजे जाने की जानकारी भी नहीं दी गई है।
वर्ष 2026 में मकर संक्रांति के अवसर पर ट्रेन क्रमांक 08841/08842 को नागपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी स्टेशन और मंडला फोर्ट के बीच विशेष ट्रेन के रूप में सीमित अवधि के लिए संचालित किया गया था।
इस ट्रेन ने मंडला और नागपुर को नैनपुर, केवलारी, सिवनी, छिंदवाड़ा, सौंसर और सावनेर की ओर से सीधी रेल कनेक्टिविटी दी। सीमित अवधि के इस संचालन के बाद क्षेत्र में इसे नियमित करने की मांग उठना स्वाभाविक था। अब सवाल यह है कि इस मांग को रेलवे की औपचारिक प्रस्ताव प्रक्रिया तक पहुंचाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
RTI जवाब के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न प्रक्रिया का है। यदि ट्रेन को नियमित करने के लिए संबंधित रेलवे स्तर पर कोई औपचारिक प्रस्ताव, व्यवहार्यता परीक्षण अथवा रेलवे बोर्ड को अनुशंसा ही नहीं भेजी गई है, तो स्थायी सेवा की मांग आगे किस स्तर पर और किस प्रक्रिया से बढ़ाई जाएगी?
यात्रियों की मांग है कि रेलवे इस रूट पर यात्री संख्या, संभावित राजस्व, परिचालन व्यवहार्यता, रेक उपलब्धता और समय-सारणी का अध्ययन कर स्थिति स्पष्ट करे।
RTI जवाब सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि मंडला संसदीय क्षेत्र की ओर से इस ट्रेन को नियमित कराने के लिए रेलवे के समक्ष अब तक क्या औपचारिक प्रयास किए गए हैं और आगे क्या पहल प्रस्तावित है।
किसी सांसद के पास स्वयं ट्रेन शुरू करने का प्रशासनिक अधिकार नहीं होता, लेकिन क्षेत्रीय मांग को रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के समक्ष उठाना, पत्राचार करना और संबंधित रेलवे अधिकारियों से प्रस्ताव तैयार करने की मांग करना जनप्रतिनिधित्व के दायरे में आने वाली महत्वपूर्ण पहल हो सकती है।
मंडला से नागपुर के बीच सीधी नियमित रेल सुविधा की मांग करने वाले यात्रियों का कहना है कि स्थायी ट्रेन नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को सड़क परिवहन और निजी बस सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।
विशेष रूप से इलाज, रोजगार, शिक्षा और व्यापारिक कार्यों से नागपुर जाने वाले यात्रियों के लिए नियमित रेल कनेक्टिविटी एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन विकल्प बन सकती है। हालांकि बस संचालकों अथवा किसी जनप्रतिनिधि के बीच किसी प्रकार की सांठगांठ का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए ऐसे आरोप की पुष्टि के बिना निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
मंडला संसदीय क्षेत्र के वर्तमान सांसद डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते सातवीं बार लोकसभा के सदस्य हैं। ऐसे में क्षेत्र के रेल यात्रियों की अपेक्षा है कि नागपुर-मंडला फोर्ट नियमित रेल सेवा की मांग को रेलवे और रेल मंत्रालय के उचित स्तर तक औपचारिक रूप से पहुंचाया जाए और उस पर हुई प्रगति की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
यात्रियों और रेल सुविधा के लिए सक्रिय लोगों का कहना है कि त्योहार अथवा विशेष अवसरों पर कुछ दिनों के लिए ट्रेन चलाना उपयोगी है, लेकिन क्षेत्र की दीर्घकालिक परिवहन जरूरत का समाधान नियमित सेवा से ही हो सकता है।
उनकी मांग है कि रेलवे पहले इस रूट की व्यवहार्यता का औपचारिक अध्ययन करे और यात्री मांग पर्याप्त पाए जाने पर नियमित ट्रेन के प्रस्ताव को सक्षम स्तर तक भेजे।
08841/08842 के विशेष संचालन के बाद यात्री संख्या और राजस्व का आकलन क्या रहा? क्या रेलवे ने इस रूट पर नियमित ट्रेन की व्यवहार्यता का अध्ययन किया? यदि नहीं, तो ऐसा अध्ययन क्यों नहीं कराया गया? मंडला से नागपुर नियमित ट्रेन के लिए कोई प्रस्ताव किस स्तर से तैयार होना है? मंडला सांसद अथवा अन्य जनप्रतिनिधियों की ओर से रेलवे को इस संबंध में कोई औपचारिक पत्र या प्रस्ताव दिया गया है? और सबसे महत्वपूर्ण—रेलवे इस मांग पर भविष्य में विचार करेगा या नहीं?
यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी विभाग के पास वर्तमान में प्रस्ताव उपलब्ध नहीं होने का अर्थ यह नहीं है कि भविष्य में ऐसा प्रस्ताव बनाया ही नहीं जा सकता। RTI जवाब उस समय संबंधित कार्यालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध स्थिति बताता है।
इसलिए अब मुख्य सवाल यह है कि यात्रियों की मांग को देखते हुए रेलवे, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि आगे कौन-सी औपचारिक पहल करते हैं।
मंडला और आसपास के यात्रियों की मांग है कि नागपुर-मंडला फोर्ट रेल सेवा को नियमित करने की संभावना पर रेलवे स्पष्ट और दस्तावेजी स्थिति सामने रखे। यदि परिचालन संबंधी बाधाएं हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए और यदि सेवा व्यवहार्य हो सकती है तो औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर सक्षम स्तर पर भेजा जाए।
RTI ने फिलहाल एक बात जरूर सामने रखी है—स्थायी ट्रेन की मांग को अब मौखिक आश्वासनों से आगे बढ़ाकर रेलवे की औपचारिक प्रक्रिया और रिकॉर्ड तक पहुंचाने की जरूरत है।
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