मंडला को टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर की बड़ी सौगात, घुघरी-मोहगांव में खुलेंगे कॉलेज
तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, वनोपज प्रोसेसिंग से रोजगार, स्वास्थ्य-शिक्षा और पर्यटन विस्तार पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का फोकस
दैनिक रेवांचल टाईम्स, मंडला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला को पर्यटन, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और वन आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सौगातें देने की घोषणा की। इनमें सबसे प्रमुख घोषणा टाइगर सफारी-जू और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर की रही। इसके साथ ही घुघरी और मोहगांव में महाविद्यालय प्रारंभ करने की घोषणा से वनांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर खुलने की उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री मंडला में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहक बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मंडला को केवल एक प्रशासनिक जिला नहीं, बल्कि वीरता, जनजातीय गौरव और नर्मदा सभ्यता के अद्भुत संगम के रूप में रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की गौरवशाली विरासत, वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य, गोंड एवं बैगा जनजातियों की समृद्ध संस्कृति तथा मां नर्मदा का आशीर्वाद मंडला को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।
मंडला में बनेगा टाइगर सफारी-जू, साथ में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके की मांग पर मुख्यमंत्री ने मंडला में टाइगर सफारी-जू स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंडला आने वाले पर्यटकों को वन सफारी में बाघ दिखाई न देने की स्थिति में भी प्रस्तावित जू के माध्यम से बाघ और अन्य वन्यजीवों को देखने का अवसर मिल सकेगा।
इसी परिसर से जुड़ा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जहां घायल और बीमार वन्यप्राणियों के उपचार एवं संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार के नए अवसरों से भी जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने घुघरी एवं मोहगांव में महाविद्यालय प्रारंभ करने की घोषणा करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाने की मजबूरी कम करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा।
तेंदूपत्ता संग्राहकों और वन समितियों को करोड़ों की राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार वनोपज संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट क्षेत्र के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 की ₹36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 की बोनस राशि वितरित की गई।
इसी प्रकार पूर्व एवं पश्चिम सामान्य वनमंडल मंडला की 84 वन समितियों के 39 हजार 399 सदस्यों को वर्ष 2025-26 की ₹26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 की काष्ठ लाभांश राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने चार-चिरौंजी जैसी लघु वनोपज के लिए एमएसएमई के माध्यम से प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की। इससे वन उपज को कच्चे रूप में बाहर भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर उसका प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने मंडला में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मेडिकल कॉलेज और क्रिटिकल केयर स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना मजबूत होने से गंभीर उपचार के लिए जिले के मरीजों को बाहर के बड़े शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
पान की खेती को मिलेगा बढ़ावा, गांव-गांव बनेंगी दुग्ध सहकारी समितियां
मुख्यमंत्री ने मंडला में पान की खेती को विकसित करने की बात भी कही। उनका कहना था कि स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार और प्रसंस्करण से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
पशुधन संवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध सहकारी समितियों को सशक्त करने तथा गांव स्तर पर किसानों को दूध का बेहतर मूल्य दिलाने की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में सार्वजनिक बस सुविधा को अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों, किसानों, श्रमिकों और सामान्य यात्रियों को आवागमन में सहूलियत मिल सके।
मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और हेलमेट
कार्यक्रम के दौरान जिले के 163 मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत स्कूटी की चाबियां प्रदान की गईं। सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए विद्यार्थियों को हेलमेट भी पहनाए गए।
₹460 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम में मंडला जिले के लिए सड़क, भवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य अधोसंरचना से जुड़े 74 विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन की जानकारी दी गई, जिनकी कुल लागत ₹460 करोड़ से अधिक बताई गई।
मंडला को कलेक्ट्रेट भवन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय की सौगात का भी उल्लेख किया गया, जिससे जिले की प्रशासनिक अधोसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों, जनजातीय आजीविका, कृषि तथा अन्य गतिविधियों की जानकारी प्रदर्शित की गई थी।
“जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सरकार की प्राथमिकता”
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंडला में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस और विभिन्न विकास कार्यों की सौगात को जिले के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि जनजातीय समाज, किसानों, श्रमिकों और वनोपज संग्राहकों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं।
