स्वास्थ्य विभाग के नाम पर 20 हजार की कथित वसूली, तीन पकड़े गए
मध्यप्रदेश शासन लिखी बोलेरो से पहुंचे थे संदिग्ध, चौथे की तलाश; विभागीय संबंध की जांच जरूरी
दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला/नैनपुर। मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। ग्राम मक्के में झोलाछाप चिकित्सक बताए जा रहे युवराज गोस्वामी से कार्रवाई का भय दिखाकर 20 हजार रुपये वसूलने का आरोप है। मामले में तीन संदिग्धों को पुलिस द्वारा पकड़े जाने और एक के फरार होने की जानकारी सामने आई है।
सरकारी पहचान का इस्तेमाल कर वसूली का आरोप
जानकारी के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति 'मध्यप्रदेश शासन' लिखी बोलेरो से ग्राम मक्के पहुंचे थे। कथित वसूली के बाद वाहन वहां से निकल गया, जिसे बम्हनी बंजर थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर रुकवाए जाने की जानकारी है। आरोपियों की भूमिका और घटना की पूरी परिस्थितियां पुलिस जांच में स्पष्ट होंगी।
सीएमएचओ कार्यालय से कनेक्शन पर सवाल
सूत्रों का दावा है कि घटना में इस्तेमाल बोलेरो कुछ समय पहले तक सीएमएचओ कार्यालय मंडला में लगी हुई थी। हालांकि, वाहन के स्वामित्व और विभागीय संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी पहचान का दुरुपयोग किया गया या आरोपियों का स्वास्थ्य विभाग से कोई वास्तविक संबंध था?
क्या अन्य क्षेत्रों में भी हुई ऐसी वसूली?
मामले ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि संदिग्धों के पास कार्रवाई का कोई वैध अधिकार था या वे विभाग का नाम इस्तेमाल कर अवैध वसूली कर रहे थे। साथ ही अन्य क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं की संभावना की भी जांच आवश्यक है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से जवाब की अपेक्षा
फिलहाल पकड़े गए संदिग्धों की भूमिका, फरार व्यक्ति की तलाश और बोलेरो के कथित विभागीय संबंध को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित व्यक्तियों और वाहन का उससे कोई अधिकृत संबंध था या नहीं।
सबसे बड़ा सवाल—स्वास्थ्य विभाग के नाम पर कथित वसूली करने वालों को सरकारी पहचान इस्तेमाल करने का अवसर कैसे मिला?
