मंडला में कोटवारों ने सौंपा ज्ञापन, 31 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
मंडला। मध्यप्रदेश के 38 हजार कोटवारों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने पर म.प्र. आजाद कोटवार कर्मचारी संघ ने आंदोलन तेज कर दिया है। संघ ने 18 सितंबर 2026 के ज्ञापन क्रमांक 1008 के परिपालन में 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर मंडला को ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर 31 अक्टूबर से भोपाल के नीलम पार्क में शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई है।

जिला प्रभारी कुंवरदास धार्वैया ने बताया कि कार्यवाहक अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष हरवीर सिंह यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखी गई हैं। संघ के अनुसार, 4 सितंबर 2025 को भोपाल के अटल पथ पर तिरंगा यात्रा निकालकर भी ये मांगें रखी गई थीं, लेकिन अब तक उनका निराकरण नहीं हुआ है।
स्थायीकरण, पदोन्नति और सेवा भूमि पर हक की मांग
1. स्थायीकरण व पदोन्नति: संघ ने 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कोटवारों को स्थायी शासकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग की है। समान कार्य-समान वेतन के तहत सहायक पटवारी, भृत्य, वाहन चालक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-3, चेनमेन और पटवारी के पदों पर पदोन्नति तथा आगामी भर्तियों में आरक्षण देने की मांग भी रखी गई है।
2. सेवा भूमि का मालिकाना हक: ज्ञापन में अंग्रेज काल से भी पहले से सेवा के बदले मिली भूमि के संबंध में खसरे से नाम हटाकर शासकीय दर्ज करने के आदेश 21/02/2018 व 05/04/2019 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। संघ ने सेवा भूमि पर मालिकाना हक देकर उसे खाते में दर्ज करने की मांग की है।
3. वार्षिक वृद्धि का लाभ: संघ का कहना है कि कोटवार पंचायत 2023 में घोषित 500 रुपये वार्षिक वृद्धि का लाभ केवल भूमिहीन कोटवारों को मिला है। भूमिधारी कोटवारों को भी एरियर सहित यह लाभ देने की मांग की गई है।
वर्दी वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप, जांच की मांग
4. वर्दी का मामला: संघ ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट जबलपुर के आदेश 07/04/2022 और डबल बेंच के आदेश 02/08/2022 का उल्लंघन कर वर्दी भंडार क्रय नियम 2022 लागू किए गए और घटिया वर्दी दी गई। संघ के अनुसार, मंडला के करीब 700 कोटवार तीन साल से वर्दी से वंचित हैं तथा तहसीलों में लाखों की घटिया वर्दी जमा है। ज्ञापन में 2024 से पहले की तरह वर्दी की नगद राशि खाते में देने और उच्च एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है।
5. पद समाप्ति आदेश निरस्त करने की मांग: एक ग्राम में दो कोटवार तथा नगरीय क्षेत्र में पद समाप्ति का आदेश निरस्त करने और कोटवार-विहीन राजस्व ग्रामों में भर्ती करने की मांग रखी गई है।
6. अनुकंपा नियुक्ति व आर्थिक सहायता: संघ ने पद परंपरागत होने के आधार पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। मृत्यु पर अनुग्रह राशि 1 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये और सेवानिवृत्ति राशि 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग भी शामिल है।
7. कटनी में मानदेय का मामला: ज्ञापन में कहा गया है कि कटनी में अधिक भूमि का हवाला देकर 15 साल से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। संबंधित कोटवारों को कम से कम 1000 रुपये मानदेय देने की मांग की गई है।
काली पट्टी और हड़ताल के बाद भोपाल में धरने का ऐलान
संघ के अनुसार, 2 से 21 अक्टूबर तक 428 तहसीलों में काली पट्टी बांधकर कार्य किया गया और ज्ञापन दिए गए। इसके बाद 22 से 28 अक्टूबर तक काम बंद हड़ताल और धरना चला। संघ का आरोप है कि इन विरोध प्रदर्शनों के बावजूद शासन ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया।
28 अक्टूबर को मंडला सहित सभी जिलों में रैली निकालकर ज्ञापन सौंपे गए। संघ ने घोषणा की है कि 31 अक्टूबर से भोपाल के नीलम पार्क में 38 हजार कोटवारों का शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। इसमें मंडला जिले से भी सैकड़ों कोटवार शामिल होंगे।