ज्ञानदीप स्कूल में AISECT कौशल विकास यात्रा–2026 का भव्य आयोजन
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित AISECT कौशल विकास यात्रा–2026 के अंतर्गत मंडला के ज्ञानदीप इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल में 23 अक्टूबर को जागरूकता एवं विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), AI Literacy Mission, करियर की नई संभावनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही विद्यार्थियों को तकनीक के सही उपयोग और रोजगार के बदलते स्वरूप से परिचित कराया गया।
कौशल विकास यात्रा का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकों की समझ, रोजगारोन्मुख कौशल, डिजिटल जागरूकता और भविष्य के करियर अवसरों के लिए तैयार करना है।
AI और कौशल आधारित शिक्षा भविष्य के लिए जरूरी : संजय कुशराम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत मंडला के अध्यक्ष संजय कुशराम ने AISECT की कौशल विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि आज के बदलते दौर में विद्यार्थियों को केवल परंपरागत शिक्षा तक सीमित रहने के बजाय आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक कौशल की जानकारी भी प्राप्त करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कौशल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को बदलते समय की चुनौतियों के लिए तैयार करने तथा करियर के नए अवसरों को समझने में सहायक है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ज्ञानदीप स्कूल के सचिव डॉ. संजय तिवारी उपस्थित रहे। इस दौरान विद्यार्थियों को तकनीकी जागरूकता, व्यावहारिक कौशल और रोजगार के बदलते स्वरूप से परिचित कराया गया।
AI के फायदे और संभावित दुष्प्रभावों की दी जानकारी
AISECT के राज्य समन्वयक निशांत श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई तकनीकों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि AI का उपयोग शिक्षा, तकनीकी कार्यों और विभिन्न रोजगार क्षेत्रों में किस प्रकार किया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को AI के संभावित दुष्प्रभावों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी भी दी। साथ ही समझाया कि तकनीक का सही और रचनात्मक उपयोग कर विद्यार्थी अपने कौशल को विकसित कर सकते हैं तथा भविष्य में रोजगार के नए अवसर तलाश सकते हैं।
निशांत श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को AI का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और बदलते समय की जरूरतों के अनुसार अपने ज्ञान एवं कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को AI की उपयोगिता समझाने के साथ उसके संभावित जोखिमों से बचने और रचनात्मक उपयोग के माध्यम से भविष्य के लिए जरूरी कौशल विकसित करने का मार्गदर्शन दिया गया।
रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों और कार्यशालाओं की दी जानकारी
मंडला के कोऑर्डिनेटर एवं ज्ञानदीप स्कूल के उपाध्यक्ष अजय खोत ने विद्यार्थियों के हित में संचालित नए AI और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से आगामी समय में विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने की पहल की जाएगी।
इन कार्यशालाओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने तथा उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार कौशल विकसित करने में सहायता देने का उद्देश्य रहेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और करियर चयन पर विद्यार्थी संवाद
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दैनिक जीवन एवं शिक्षा में उपयोग तथा भविष्य की करियर संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए करियर का चयन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके साथ ही कौशल आधारित शिक्षा के महत्व और आधुनिक तकनीकों की समझ विकसित करने पर जोर दिया गया।
प्रतिभागी विद्यार्थियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर किया सम्मानित
AISECT कौशल विकास यात्रा के अंतर्गत आयोजित प्री-एक्टिविटी में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों की भागीदारी की सराहना करते हुए उन्हें शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्री-एक्टिविटी में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में शिक्षा, तकनीकी कौशल और बेहतर करियर की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
विद्यालय और AISECT के पदाधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में संस्था के उपाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, ज्ञानदीप स्कूल की प्राचार्य श्रीमती स्वल्पा बढ़गईया, सह प्राचार्य रफीक खान, AISECT के जिला समन्वयक सचिन पाठक, क्षेत्रीय प्रबंधक सुनील सोनी और जिला समन्वयक येचंद्र रहांगडाले सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन और AISECT से जुड़े पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के प्रति जागरूक करने की पहल में सहभागिता की।
अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर कौशल विकास यात्रा को किया रवाना
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों ने AISECT कौशल विकास यात्रा–2026 को हरी झंडी दिखाकर आगे के लिए रवाना किया।
'समर्थ भारत–सक्षम भारत' की भावना पर आधारित यह यात्रा देशभर के विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा, तकनीकी जागरूकता, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और कौशल विकास के नए अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
AISECT के AI Literacy Mission और कौशल विकास यात्रा–2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर भविष्य के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। मंडला के ज्ञानदीप स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को AI के जिम्मेदार उपयोग, रोजगार के अवसरों, कौशल विकास और करियर चयन की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बदलते डिजिटल युग की आवश्यकताओं को समझते हुए निरंतर सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
