मंडला फोर्ट स्टेशन की सुरक्षा पर रेलवे प्रशासन सक्रिय, रात में दो RPF जवानों की तैनाती के प्रयास शुरू
रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी की शिकायत पर रेल मदद पोर्टल से मिला जवाब, स्थायी RPF चौकी स्थापित करने की मांग बरकरार
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर रात के समय यात्रियों की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों के कथित जमावड़े को लेकर उठाई गई शिकायत के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी द्वारा रेल मदद पोर्टल पर दर्ज शिकायत के जवाब में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रात के समय दो जवानों की ड्यूटी लगाने के लिए प्रयास किए जाने की जानकारी दी है।
इस पहल से स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, दो जवानों की वास्तविक तैनाती कब से होगी, इसकी स्पष्ट पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। वहीं, स्टेशन पर स्थायी RPF चौकी स्थापित करने की मांग भी लगातार उठ रही है।
RPF कंट्रोल रूम के अधिकारी ने फोन पर सुनी समस्या
रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी के अनुसार, शिकायत के संबंध में उनकी RPF कंट्रोल रूम के अधिकारी सोलंकी जी से फोन पर बातचीत हुई। अधिकारी ने पूरी शालीनता और धैर्य के साथ उनकी बात सुनी तथा यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए समाधान के लिए पहल की।
नितिन सोलंकी ने बताया कि रेलवे सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर अधिकारी का सहयोगात्मक व्यवहार सराहनीय रहा। उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लेने और त्वरित कार्रवाई की दिशा में पहल करने के लिए संबंधित अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया।
रेल मदद के आधिकारिक जवाब में क्या बताया गया?
शिकायत संदर्भ क्रमांक: 2026100905955
रेल मदद पोर्टल पर उपलब्ध जवाब के अनुसार, मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर रात के समय असामाजिक गतिविधियों और नशीले पदार्थों के सेवन से स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानी के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल, नैनपुर को सूचित किया गया है। साथ ही रात के समय दो RPF बल सदस्यों को ड्यूटी पर तैनात करने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है।
शिकायत में बताया गया था कि मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर रात 12:30 बजे से सुबह 5:10 बजे तक ट्रेन के खड़े रहने के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। नैनपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित इस स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
बाउंड्री फेंसिंग और आवारा मवेशियों का मुद्दा भी उठाया
शिकायत में स्टेशन परिसर की सुरक्षा से जुड़ी अन्य समस्याओं की ओर भी रेलवे प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है। इनमें बाउंड्री फेंसिंग की कमी, आवारा मवेशियों का स्टेशन परिसर में प्रवेश और रात के समय पर्याप्त निगरानी की आवश्यकता जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रेल यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्टेशन परिसर में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी और अनधिकृत प्रवेश रोकने के उपाय आवश्यक बताए गए हैं।
दो जवानों की तैनाती की पहल सकारात्मक, लेकिन स्थायी चौकी कब?
रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी का कहना है कि शिकायत पर संज्ञान लेकर सुरक्षा बल की तैनाती के प्रयास करना सकारात्मक कदम है। लेकिन मंडला फोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन की सुरक्षा केवल अस्थायी व्यवस्था तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नैनपुर से मंडला फोर्ट की दूरी और यात्रियों की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए यहां स्थायी RPF आउटपोस्ट स्थापित करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
साथ ही चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता का आकलन कर नियमित गश्त और निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इनका कहना है
अखिलेश सोनी, समाजसेवी
“मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। रात में RPF जवानों की तैनाती सराहनीय कदम है, लेकिन स्थायी RPF चौकी स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।”
दिलीप पमनानी, समाजसेवी
“रेलवे प्रशासन को मंडला फोर्ट स्टेशन की सुरक्षा पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी तथा स्थायी RPF चौकी की व्यवस्था जरूरी है।”
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब अगले कदम पर नजर
रेल मदद पोर्टल पर शिकायत के जवाब के बाद अब यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की नजर रेलवे प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि दो RPF जवानों की तैनाती की प्रक्रिया कब पूरी होगी और क्या स्टेशन पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी ठोस निर्णय लिया जाएगा?
नितिन सोलंकी ने एक बार फिर RPF कंट्रोल रूम के अधिकारी सोलंकी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान किया जाएगा।
