सरकारी स्कूल चोरों के निशाने पर, प्रशासन की नींद नहीं टूट रही!
परसवाड़ा की एकीकृत माध्यमिक शाला में चोरी, मध्यान्ह भोजन की सामग्री ले उड़े चोर; पहले भी हो चुकी हैं वारदातें
मंडला। मंडला जिले में सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्कूलों में चोरी की घटनाएं सामने आने के बावजूद जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर से प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के आरोप लग रहे हैं। ताजा मामला नैनपुर तहसील के ग्राम परसवाड़ा का है, जहां एकीकृत माध्यमिक शाला में चोरों ने धावा बोल दिया।
परसवाड़ा के सरकारी स्कूल में चोरों का धावा
जानकारी के अनुसार नैनपुर तहसील अंतर्गत ग्राम परसवाड़ा स्थित एकीकृत माध्यमिक शाला में चोरों ने धावा बोलकर मध्यान्ह भोजन की सामग्री पर हाथ साफ कर दिया।
बताया जा रहा है कि उक्त स्कूल में पूर्व में भी चोरी की वारदात हो चुकी है। इसके बावजूद स्कूल की सुरक्षा को लेकर ठोस इंतजाम नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है।
सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
सरकारी स्कूलों में रखी मध्यान्ह भोजन सामग्री बच्चों के पोषण और शासन की महत्वपूर्ण योजना से जुड़ी होती है। ऐसी सामग्री की चोरी महज सामान का नुकसान नहीं है, बल्कि इससे बच्चों के लिए संचालित व्यवस्था और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।
मध्यान्ह भोजन के लिए रखी सामग्री बच्चों के उपयोग के लिए होती है। ऐसे में स्कूल परिसर से इसकी चोरी की घटना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को सामने लाती है।
जिम्मेदार विभाग से जवाब की दरकार
जिले के अन्य सरकारी स्कूलों में भी चोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि जिम्मेदार विभाग द्वारा स्कूलों की सुरक्षा, रात्रिकालीन निगरानी और सरकारी सामग्री की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
2. दोबारा चोरी रोकने के लिए कौन से सुरक्षा इंतजाम किए गए थे?
3. मध्यान्ह भोजन की कितनी और कितने मूल्य की सामग्री चोरी हुई?
4. मामले में पुलिस को शिकायत दी गई है या एफआईआर दर्ज हुई है?
5. जिले के सरकारी स्कूलों की रात्रिकालीन सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
पूर्व की घटनाओं की भी हो समीक्षा
जनता की मांग है कि प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कराए और पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का भी संज्ञान ले। सरकारी स्कूलों को बार-बार निशाना बनाए जाने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
इसके साथ ही चोरी करने वालों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्कूल स्तर पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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