शिक्षा व्यवस्था में बड़ा फेरबदल: 29 सितंबर 2023 के बाद के अनधिकृत संलग्नीकरण होंगे समाप्त
बिना सक्षम स्वीकृति किए गए संलग्नीकरण पर कार्रवाई, संबंधित शिक्षक लौटेंगे मूल पदस्थ संस्था
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला। जिले में जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने पूर्व में जारी संलग्नीकरण संबंधी आदेशों की समीक्षा के बाद महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। 19 सितंबर 2026 को जारी आदेश में 29 सितंबर 2023 के बाद जिला कलेक्टर के अनुमोदन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत की स्वीकृति के बिना किए गए संबंधित संलग्नीकरण आदेशों को समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
संलग्नीकरण खत्म, मूल संस्था में लौटेंगे संबंधित शिक्षक
आदेश के मुताबिक शासन के निर्देशों के पालन में संबंधित संलग्नीकरण समाप्त किए जाएंगे। संबंधित शिक्षक उस पूर्व संस्था में कार्यभार ग्रहण करेंगे, जहां से उन्हें संलग्न किया गया था।
बिना सक्षम स्वीकृति के संलग्नीकरण पर कार्रवाई
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 29 सितंबर 2023 के बाद जिला कलेक्टर एवं अन्य सक्षम स्तर की स्वीकृति के बिना किए गए संबंधित संलग्नीकरण जारी नहीं रहेंगे। आदेश के बाद ऐसे शिक्षकों की मूल पदस्थापना पर वापसी की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।
बिना सक्षम स्वीकृति के संलग्नीकरण कैसे जारी रहे?
आदेश के बाद यह सवाल भी सामने आता है कि यदि सक्षम स्तर की स्वीकृति आवश्यक थी तो संबंधित संलग्नीकरण किन परिस्थितियों में किए गए और वे इतने समय तक किस प्रशासनिक आधार पर जारी रहे।
जनगणना कार्य में लगे प्रगणक और BLO को छूट
आदेश के अनुसार भारत सरकार के गृह सचिव के पत्र के संदर्भ में जनगणना कार्य में संलग्न प्रगणक एवं बूथ लेवल अधिकारी (BLO) इस आदेश से मुक्त रहेंगे।
गंभीर बीमारी और सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों के लिए प्रावधान
आदेश में ऐसे शिक्षकों के लिए भी प्रावधान रखा गया है जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं अथवा जिनकी सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम समय शेष है। ऐसे शिक्षक अपना आवेदन जिला कार्यालय जनजातीय कार्य विभाग में प्रस्तुत कर सकेंगे।
ऐसे मामलों में आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद संबंधित प्रकरण पर शैक्षणिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
अब शासन के नियमानुसार होगी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया
कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शासन के नियमानुसार की जाएगी। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
आदेश की प्रतिलिपि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जनजातीय कार्य विभाग के समस्त संकुल प्राचार्यों तथा संस्था प्रमुखों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजे जाने का उल्लेख है।
अब शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलेगा?
कलेक्टर के आदेश के बाद संबंधित संस्थाओं और अधिकारियों को अब आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। इससे स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक पदस्थापना और शैक्षणिक व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
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