बप्पा के स्वागत को सजा मंडला, घरों से लेकर पंडालों तक गूंजेगा ‘गणपति बप्पा मोरया’
गणेश चतुर्थी को लेकर बाजारों में बढ़ी रौनक; रंग-बिरंगी प्रतिमाओं ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान, मूर्तिकार दे रहे अंतिम रूप और पंडालों में तैयारियां अंतिम दौर में
दैनिक रेवांचल टाइम्स — मंडला। गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर मंडला शहर में भगवान गणपति के स्वागत की तैयारियां पूरे उत्साह और उमंग के साथ तेज हो गई हैं। घरों से लेकर सार्वजनिक गणेश पंडालों तक सजावट का दौर शुरू हो चुका है। शहर का माहौल भक्तिमय नजर आने लगा है और बाजारों में गणेश प्रतिमाओं को पसंद करने तथा ले जाने के लिए श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है।
गणेशोत्सव की आहट के साथ शहर में चारों ओर एक ही उत्साह दिखाई दे रहा है— “गणपति बप्पा मोरया”।
🛕 रंग-बिरंगी गणेश प्रतिमाओं से सजे मंडला के बाजार
गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही शहर के प्रमुख बाजार भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं से सज गए हैं। बुधवारी बाजार, नावघाट, सराफा बाजार, महाराजपुर और स्टेडियम ग्राउंड के आसपास गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सजी हुई हैं।
दूर-दराज से आए मूर्तिकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी दिन-रात मेहनत कर प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कहीं रंग-रोगन का काम चल रहा है तो कहीं मुकुट, आभूषण और आकर्षक सजावट के जरिए बप्पा के स्वरूप को निखारा जा रहा है।
महीनों की मेहनत के बाद तैयार गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में कलाकार जुटे हैं। गणेशोत्सव उनके लिए आस्था के साथ मेहनत और उम्मीदों का भी पर्व है।
मनमोहक स्वरूपों ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
बाजार में भगवान गणेश की अलग-अलग आकार और स्वरूप वाली प्रतिमाएं श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। कहीं बाल गणेश का मनमोहक स्वरूप है तो कहीं सिंहासन पर विराजमान गणपति आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
घर में गणेश स्थापना करने वाले श्रद्धालु छोटी और मध्यम आकार की प्रतिमाओं को पसंद कर रहे हैं, जबकि सार्वजनिक गणेशोत्सव समितियों की पसंद बड़ी और भव्य प्रतिमाएं हैं।
👨👩👧👦 परिवार के साथ बप्पा चुनने पहुंच रहे श्रद्धालु
गणेश प्रतिमा खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ बाजार पहुंच रहे हैं। बच्चों में इसे लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। छोटे बच्चे अपने माता-पिता और परिजनों के साथ अपनी पसंद के गणपति चुनते नजर आ रहे हैं।
छोटी घरेलू प्रतिमाओं से लेकर सार्वजनिक पंडालों के लिए तैयार की गई बड़ी प्रतिमाओं तक श्रद्धालुओं के सामने कई विकल्प मौजूद हैं।
✨ लाइटिंग, झालर और फूलों की दुकानों पर भी चहल-पहल
गणेश प्रतिमाओं के साथ सजावटी सामग्री की दुकानों पर भी खरीदारी बढ़ गई है। रंग-बिरंगी लाइटिंग, झालर, फूल, सजावटी पर्दे, कृत्रिम पुष्प, मुकुट और दूसरी सजावटी सामग्री की मांग दिखाई दे रही है।
गणेश उत्सव समितियां अपने पंडालों को आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी में जुटी हैं, वहीं घरों में गणपति की स्थापना करने वाले परिवार भी पूजा स्थल को सजाने के लिए बाजार से सामग्री खरीद रहे हैं।
🚚 जबलपुर से कुंडम तक, दूर-दराज से मंडला पहुंचे मूर्तिकार
स्टेडियम ग्राउंड के आसपास प्रतिमाओं की दुकानें लगाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से मूर्तिकार मंडला पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार जबलपुर, चाबी, सिलोड़ी, कुंडम और बगरांझी सहित अन्य स्थानों से आए कलाकारों ने यहां अपनी प्रतिमाएं बिक्री के लिए सजाई हैं।
महीनों की मेहनत से तैयार प्रतिमाओं को आकर्षक बनाने के लिए कलाकार अंतिम समय तक रंग और सजावट के काम में लगे हैं। बाजार में सजी प्रतिमाओं में उनकी मेहनत और कला साफ दिखाई देती है।
🎪 पंडालों में अंतिम तैयारियां, सजावट को दिया जा रहा भव्य स्वरूप
शहर के विभिन्न इलाकों में गणेश उत्सव के लिए पंडालों का निर्माण अंतिम चरण में है। कहीं आकर्षक विद्युत सजावट की तैयारी चल रही है, तो कहीं पूजा स्थल को भव्य स्वरूप देने का काम किया जा रहा है।
गणेश उत्सव समितियों के सदस्य पंडालों की सजावट से लेकर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं तक को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
बच्चों से बुजुर्गों तक हर उम्र में उत्साह, मंडला को इंतजार बप्पा के आगमन का
🪔 श्रद्धा के साथ सामाजिक एकता का भी पर्व
गणेश चतुर्थी धार्मिक आस्था के साथ उत्साह और सामाजिक एकता का भी पर्व बन चुकी है। घर-घर गणपति की स्थापना और सार्वजनिक पंडालों में होने वाले आयोजन शहर की रौनक बढ़ाते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों में बप्पा के आगमन को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है।
अब श्रद्धालुओं को उस शुभ घड़ी का इंतजार है, जब ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच गणपति बप्पा घरों और पंडालों में विराजेंगे।
