जनेकृविवि के इमलिया फार्म में वृहद वृक्षारोपण, कुलपति डॉ. पीके मिश्रा ने रोपे नीम के पौधे
वानिकी विभाग ने तिलहनी वृक्ष परियोजना के तहत किया आयोजन; पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका और अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने पर जोर
जबलपुर, 19 सितंबर 2026। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के इमलिया फार्म में वानिकी विभाग, कृषि महाविद्यालय द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीके मिश्रा मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम अधिष्ठाता डॉ. अल्पना सिंह के मार्गदर्शन में तिलहनी वृक्ष परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कुलपति ने किया नीम के पौधों का रोपण
कुलपति डॉ. पीके मिश्रा ने इमलिया फार्म परिसर में नीम के पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नीम एक महत्वपूर्ण तिलहनी वृक्ष है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका एवं आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
हरित आवरण बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ तिलहनी वृक्षों के माध्यम से हरित आवरण बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्रोत्साहित करना रहा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तिलहनी वृक्षों के माध्यम से आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विश्वविद्यालय के अधिकारी और वैज्ञानिक रहे मौजूद
इस अवसर पर संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. टी.आर. शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा, वानिकी विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. खरे, कृषि अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक राठी, कीट विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. वी.के. गर्ग तथा परियोजना प्रमुख डॉ. सोमनाथ सरवदे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. यशपाल सिंह, डॉ. अमित झा, डॉ. डी.के. सिंह, डॉ. आर.पी. सिंह, डॉ. राहुल सिंह डोंगरे और डॉ. आर.पी. साहू सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी भी शामिल हुए।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय ने पर्यावरण संरक्षण के साथ तिलहनी वृक्षों की उपयोगिता और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी आर्थिक संभावनाओं का संदेश दिया।
