मॉडल हाई स्कूल में विद्यार्थियों से पुलिस का सीधा संवाद, साइबर अपराध से पॉक्सो एक्ट तक दी सुरक्षा की जानकारी
जीआरपी जबलपुर के ‘जोश टॉक एवं उमंग’ कार्यक्रम में साइबर ठगी, नशा, बुलिंग, बाल सुरक्षा और यातायात नियमों पर हुई खुलकर चर्चा
दैनिक रेवांचल टाइम्स - जबलपुर। बच्चों की सुरक्षा केवल घर और स्कूल तक सीमित नहीं है। बदलते समय में उन्हें साइबर अपराध, नशे, बुलिंग, महिला एवं बाल अपराध और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य से थाना जीआरपी जबलपुर द्वारा मॉडल हाई स्कूल जबलपुर में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए ‘जोश टॉक एवं उमंग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विद्यार्थियों से सीधे रूबरू हुई पुलिस
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी जीआरपी जबलपुर संजीवनी राजपूत और पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। तकनीक और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के बीच सामने आ रही चुनौतियों को समझाते हुए विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
साइबर ठगी और सोशल मीडिया पर रहें सतर्क
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड करने अथवा अपनी निजी जानकारी किसी अजनबी के साथ साझा करने से बचना चाहिए। सोशल मीडिया अकाउंट और पासवर्ड की सुरक्षा को लेकर भी जरूरी सावधानियां बताई गईं।
विद्यार्थियों से कहा गया कि साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन उत्पीड़न की घटना को छिपाने के बजाय तत्काल माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को इसकी जानकारी दें।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कई बार इसकी शुरुआत साथियों के दबाव या जिज्ञासा से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित कर सकती है। बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
बुलिंग और मानसिक प्रताड़ना को सामान्य न समझें
स्कूल में किसी साथी का लगातार मजाक उड़ाने, डराने, अपमानित करने अथवा मानसिक रूप से परेशान करने जैसे व्यवहार को लेकर भी विद्यार्थियों से चर्चा की गई। पुलिस टीम ने बच्चों को ऐसी स्थिति में चुप न रहने और माता-पिता, शिक्षक अथवा अन्य भरोसेमंद व्यक्ति से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
पॉक्सो एक्ट और बाल सुरक्षा की दी जानकारी
कार्यक्रम में पॉक्सो एक्ट और बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बीच अंतर समझाते हुए बताया गया कि यदि उनके साथ या किसी परिचित बच्चे के साथ कोई अनुचित घटना होती है तो उसे छिपाने के बजाय किसी विश्वसनीय वयस्क को इसकी जानकारी देना जरूरी है।
महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवाल सुने और उन्हें उपलब्ध सहायता तथा अपने अधिकारों के संबंध में जानकारी दी।
सड़क पर छोटी लापरवाही भी पड़ सकती है भारी
विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया। पैदल चलते समय सावधानी बरतने, वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने और स्वयं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, पुलिस ने दिए जवाब
कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा पुलिस और विद्यार्थियों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, सोशल मीडिया, बुलिंग, नशा, बाल सुरक्षा और कानून से जुड़े सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए किसी भी परेशानी में चुप रहने के बजाय मदद मांगने का संदेश दिया।
थाना प्रभारी जीआरपी जबलपुर संजीवनी राजपूत, एएसआई नसीम बानो, महिला सुरक्षा शाखा जीआरपी, हेड कांस्टेबल परमात्मा, अंकुर, परशुराम और उमेश तथा कांस्टेबल रामकुमार कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
