छात्रावासों में लापरवाही नहीं चलेगी! सहायक आयुक्त डॉ. अरुण शुक्ला ने परखी व्यवस्थाएं
भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर दिए कड़े निर्देश
दैनिक रेवांचल टाइम्स - घुघरी। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए सहायक आयुक्त डॉ. अरुण शुक्ला ने विकासखंड घुघरी के विभिन्न छात्रावास एवं आश्रमों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन से लेकर पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता, मच्छरदानी और विद्यार्थियों की उपस्थिति तक की व्यवस्थाओं को देखा गया।
कन्या छात्रावास से राजा शंकर शाह छात्रावास तक निरीक्षण
सहायक आयुक्त ने वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास एवं कन्या आश्रम, उत्कृष्ट राजा शंकर शाह छात्रावास एवं आश्रम सहित अन्य संस्थाओं का निरीक्षण किया। संबंधित अधीक्षकों और कर्मचारियों को विद्यार्थियों को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
थाली में वही भोजन पहुंचे, जो मीनू में निर्धारित
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। सहायक आयुक्त ने निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
अधीक्षकों को बच्चों के साथ स्वयं नाश्ता एवं भोजन करने तथा उसकी फोटो भेजने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य भोजन की वास्तविक गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है।
दो छात्राओं की तबीयत खराब मिली, तत्काल कराया उपचार
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। सभी छात्रावास एवं आश्रमों में विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और उसका रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या आश्रम घुघरी में दो छात्राओं की तबीयत ठीक नहीं मिली। दोनों छात्राओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी ले जाकर उपचार कराया गया।
पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था भी जांच के दायरे में
छात्रावासों में विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ परिसर और आसपास नियमित साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए। बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
शत-प्रतिशत उपस्थिति पर भी जोर
सहायक आयुक्त ने छात्रावासों एवं आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधीक्षकों को नियमित रूप से उपस्थिति की निगरानी करने और अनियमितता मिलने पर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
शुद्ध पेयजल की उपलब्धता
विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य परीक्षण का रिकॉर्ड संधारण
छात्रावास परिसर में नियमित साफ-सफाई
मच्छरदानी की उपलब्धता
विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति
सुविधाएं कागजों में नहीं, बच्चों तक पहुंचें
निरीक्षण का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि शासन द्वारा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ वास्तविक रूप से बच्चों तक पहुंचे। छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता और दैनिक आवश्यकताओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
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