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इकलहरा टोल प्लाजा पर सड़क में रखे ड्रम बने खतरा, आए दिन टकरा रहे वाहन

इकलहरा टोल प्लाजा पर सड़क में रखे ड्रम बने खतरा, आए दिन टकरा रहे वाहन

दोपहिया-तिपहिया मार्ग के सामने भारी ड्रम रखने पर सवाल, स्थानीय लोगों ने सुरक्षित व्यवस्था की उठाई मांग

हाल ही में बाइक सवार दो पत्रकार ड्रम से टकराकर हुए घायल, निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती

रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा। परासिया-जुन्नारदेव मार्ग पर स्थित इकलहरा टोल प्लाजा पर दो एवं तीन पहिया वाहनों के आवागमन के लिए बनाए गए मार्ग के सामने रखे भारी ड्रम वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्रमों की मौजूदा स्थिति के कारण यहां दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है और पूर्व में वाहन इनके संपर्क में आ चुके हैं।

टोल वसूली के साथ सुरक्षित आवागमन भी जरूरी

टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन चालकों से निर्धारित शुल्क लिया जाता है। ऐसे में सड़क की स्थिति, यातायात संकेत, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। इकलहरा टोल प्लाजा पर सड़क मार्ग के सामने रखे ड्रमों को लेकर स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

बड़े वाहनों को रोकने के लिए ड्रम, दोपहिया चालकों के लिए परेशानी

बताया जा रहा है कि दो एवं तीन पहिया वाहनों के लिए निर्धारित रास्ते से बड़े वाहनों को गुजरने से रोकने के उद्देश्य से भारी ड्रम रखे गए हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन ड्रमों के आसपास पर्याप्त दृश्यता, रिफ्लेक्टर अथवा चेतावनी संकेत नहीं हों तो रात या कम रोशनी में वाहन चालकों के लिए इन्हें समय रहते देख पाना मुश्किल हो सकता है।

ड्रम से टकराई बाइक, दो पत्रकार घायल

बताया गया कि पिछले दिनों अंबाड़ा की ओर से आ रहे दो पत्रकारों की बाइक टोल प्लाजा के पास रखे इन्हीं ड्रमों से टकरा गई। हादसे में दोनों को सिर, हाथ-पैर और सीने में चोटें आने की जानकारी है। घायल पत्रकारों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस घटना के बाद टोल प्लाजा पर यातायात नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था और ड्रम रखने के तरीके को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं।

रिफ्लेक्टर, संकेतक और पर्याप्त रोशनी की मांग

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि बड़े वाहनों का प्रवेश रोकना या वाहनों की गति नियंत्रित करना आवश्यक है तो इसके लिए उचित यातायात सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए। बैरिकेडिंग को दूर से दिखाई देने योग्य बनाने, रिफ्लेक्टर लगाने, चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
क्या ड्रम रखने से पहले यातायात सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया?
क्या ड्रमों पर पर्याप्त रिफ्लेक्टर अथवा चेतावनी संकेत लगाए गए हैं?
रात में दोपहिया चालकों के लिए मार्ग पर पर्याप्त रोशनी उपलब्ध है या नहीं?
पूर्व में हुई दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किया गया?

बड़े हादसे से पहले व्यवस्था सुधारने की मांग

स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से टोल प्लाजा पर रखे ड्रमों और यातायात व्यवस्था का मौका निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जहां आवश्यक हो वहां ड्रमों के स्थान पर मानक के अनुरूप सुरक्षित बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए और वाहन चालकों को पर्याप्त दूरी से अवरोध की जानकारी मिल सके।

हादसे के बाद उठे सवाल, अब कार्रवाई का इंतजार

दोपहिया वाहन के ड्रम से टकराने की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज हुई है। संबंधित विभाग और टोल प्रबंधन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि मौजूदा व्यवस्था सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या उसमें बदलाव की आवश्यकता है।

नोट: ड्रमों को नियम विरुद्ध बताए जाने तथा पूर्व में अन्य दुर्घटनाएं होने संबंधी दावे स्थानीय लोगों की जानकारी पर आधारित हैं। संबंधित विभाग या सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद ही सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।
दैनिक रेवांचल टाइम्स
छिंदवाड़ा | इकलहरा टोल प्लाजा | सड़क सुरक्षा | परासिया-जुन्नारदेव मार्ग

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