Breaking

revanchal times new

घर से बिना बताए निकलीं 5 नाबालिग बालिकाएं 24 घंटे में पीथमपुर से दस्तयाब, काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा

रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा

घर से बिना बताए निकलीं 5 नाबालिग बालिकाएं 24 घंटे में पीथमपुर से दस्तयाब

CCTV, मोबाइल लोकेशन और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने लगाया पता, काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा

छिंदवाड़ा। थाना देहात पुलिस ने ग्राम गांगीवाड़ा से घर पर बिना बताए निकलीं पांच नाबालिग बालिकाओं को करीब 24 घंटे के भीतर धार जिले के पीथमपुर से सुरक्षित दस्तयाब किया है। पुलिस के अनुसार CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और साइबर सेल की तकनीकी सहायता से बालिकाओं का पता लगाया गया। काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।


5
नाबालिग बालिकाएं
24 घंटे
के भीतर दस्तयाबी
पीथमपुर
जिला धार से मिलीं
21 सितंबर को दर्ज हुई थी रिपोर्ट

पुलिस के अनुसार 21 सितंबर 2026 को ग्राम गांगीवाड़ा निवासी परिजनों ने थाना देहात पहुंचकर अपनी नाबालिग बेटियों के लापता होने की सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू की।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चौधरी और थाना प्रभारी देहात के नेतृत्व में टीम ने गांगीवाड़ा पहुंचकर परिजनों एवं आसपास के लोगों से जानकारी ली। क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए।

मोबाइल लोकेशन से पीथमपुर तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बालिकाओं में से एक के पास मोबाइल फोन था और वह चालू था। पुलिस के मुताबिक साइबर सेल छिंदवाड़ा के आरक्षक आदित्य रघुवंशी की तकनीकी सहायता से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई, जो पीथमपुर सेक्टर-03, जिला धार में मिली।

लोकेशन मिलने के बाद विशेष पुलिस टीम धार के लिए रवाना हुई। पुलिस ने पीथमपुर के सेक्टर-03 क्षेत्र में तलाश कर पांचों बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।

पुलिस को बताई घर से निकलने की वजह

पुलिस के अनुसार काउंसलिंग और पूछताछ के दौरान बालिकाओं ने बताया कि पढ़ाई, मोबाइल के इस्तेमाल और घरेलू कामकाज को लेकर परिजनों की डांट-फटकार से नाराज होकर उन्होंने बिना बताए घर छोड़ दिया था। पुलिस का कहना है कि पांचों सहेलियां काम की तलाश में पीथमपुर चली गई थीं।

बाल कल्याण समिति ने की काउंसलिंग

22 सितंबर को दस्तयाबी के बाद बालिकाओं की पहले बाल कल्याण समिति धार के माध्यम से काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद उन्हें छिंदवाड़ा लाया गया, जहां बाल कल्याण समिति छिंदवाड़ा एवं वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से दोबारा काउंसलिंग कराकर परिजनों के सुपुर्द किया गया।

पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

पुलिस के अनुसार कार्रवाई में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक जी.एस. राजपूत, निरीक्षक करिश्मा चौधरी, उप निरीक्षक हर्ष नागले, सहायक उप निरीक्षक राजेश रघुवंशी, सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप यादव, महिला आरक्षक राजकुमारी, महिला आरक्षक प्रमीला, आरक्षक ब्रजेश तथा साइबर सेल के आरक्षक आदित्य रघुवंशी की भूमिका रही।

नाबालिगों की निजता जरूरी: बालिकाओं के नाबालिग होने के कारण समाचार में उनके नाम, तस्वीर, स्कूल, घर का सटीक पता अथवा पहचान उजागर करने वाली अन्य जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए।
रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new