आकाशीय बिजली का कहर: 12 वर्षीय बालक की मौत, दो नाबालिग घायल
मवेशी चराने जंगल गए थे तीनों बालक, पेड़ के नीचे खड़े होने के दौरान गिरी बिजली; पीएम को लेकर अस्पताल में परिजनों ने जताई नाराजगी
दैनिक रेवांचल टाइम्स - बजाग। करीब एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने के बाद शनिवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज गर्जना और चमक के साथ करीब एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से जहां धान, सोयाबीन सहित अन्य फसलों को राहत मिली, वहीं ग्राम पथरिया में आकाशीय बिजली गिरने की दर्दनाक घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं।
पथरिया में आकाशीय बिजली गिरने से बालक की मौत
जानकारी के अनुसार मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर ग्राम पथरिया में शनिवार दोपहर करीब तीन बजे आकाशीय बिजली गिरने से 12 वर्षीय गोविंद पिता धरमपाल धुर्वे की मौत हो गई। हादसे में उसके दो साथी अनुज कुमार पिता दयाराम वाटिया (16 वर्ष) और कैलाश वाटिया पिता शिवकुमार (15 वर्ष) घायल हो गए।
तीनों बालक मवेशी चराने गांव से कुछ दूर भर्राटोला के जंगल की ओर गए थे। बताया गया कि अचानक तेज बारिश और बिजली की कड़कड़ाहट शुरू होने पर गोविंद और अनुज एक ही छाता लेकर पेड़ के नीचे खड़े हो गए, जबकि कैलाश कुछ दूरी पर था। इसी दौरान तेज चमक और जोरदार आवाज के साथ बिजली पेड़ पर जा गिरी। इसकी चपेट में आने से तीनों बालक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना के बाद तीनों बालक वहीं बेहोशी की हालत में पड़े रहे। करीब आधे घंटे बाद वहां से गुजर रहे एक वृद्ध राहगीर की नजर उल्टे पड़े छाते पर गई। पास पहुंचने पर उसने तीनों बच्चों को जमीन पर बेहोश देखा और तत्काल उनके परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चों को घर लेकर आए। प्राथमिक उपचार के प्रयास के बाद डायल 112 की मदद से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बजाग पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने गोविंद को मृत घोषित कर दिया। दोनों घायल बालकों का उपचार किया गया और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
बिजली की चपेट में आने से कपड़े तक जले
बताया गया कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से घायल अनुज के कपड़े तक जल गए थे। दोनों घायल बच्चों को कुछ समय बाद होश आ गया, लेकिन गोविंद को होश नहीं आया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गोविंद कक्षा छठवीं का छात्र था। उसकी असमय मौत से परिवार में मातम पसरा है। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है।
पोस्टमार्टम को लेकर अस्पताल में बनी नाराजगी की स्थिति
घटना के बाद मृतक बालक के पोस्टमार्टम को लेकर अस्पताल में परिजनों ने नाराजगी जताई। परिजनों के अनुसार, देर शाम ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने मृतक बालक को जिला मुख्यालय ले जाकर पोस्टमार्टम कराने की बात कही। अचानक बच्चे की मौत से सदमे में आए परिवार के सामने करीब 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाने की बात आने पर नाराजगी की स्थिति बनी।
मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और बीएमओ डॉ. चंद्रशेखर धुर्वे को फोन पर घटना से अवगत कराया गया। बताया गया कि बीएमओ ने फोन पर आश्वासन दिया कि वे फिलहाल बाहर हैं और मृतक बालक को कहीं ले जाने की आवश्यकता नहीं है। उनके लौटने के बाद बजाग में ही पोस्टमार्टम की व्यवस्था कराई जाएगी।
परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के रवैये को लेकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने संबंधित चिकित्सक के व्यवहार को लेकर पूर्व में भी विवाद होने की बात कही है। हालांकि इन आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन अथवा संबंधित चिकित्सक का पक्ष सामने नहीं आया है।
बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़ा होना हो सकता है खतरनाक
घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तेज गर्जना और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचना चाहिए और यथासंभव सुरक्षित पक्के स्थान पर पहुंचना चाहिए।
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