दिनकर जयंती पर साहित्य का महाकुंभ: ‘दिनकर विमर्श’ का लोकार्पण, शोध संगोष्ठी से कवि सम्मेलन तक सजा आयोजन
एस.एम.वी. इंटर कॉलेज के सेमिनार हॉल में तीन सत्रों में आयोजन, देशभर के साहित्यकारों और शोधार्थियों ने की सहभागिता
दैनिक रेवाँचल टाईम्स - अलीगढ़। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती के उपलक्ष्य में हिंदी प्रचारिणी सभा (पंजी.) अलीगढ़ के सौजन्य तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं राष्ट्रीय कवि संगम (ब्रजप्रांत) अलीगढ़ के तत्त्वावधान में साहित्यिक आयोजन किया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, पुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन तीन सत्रों में संपन्न हुआ।
पिछले वर्ष आयोजित अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में प्राप्त शोध पत्रों एवं आलेखों को पुस्तकाकार रूप देते हुए प्रकाशित ‘दिनकर विमर्श’ का इस अवसर पर लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. दिनेश कुमार शर्मा डी.लिट्. ने किया।
प्रथम सत्र: साहित्यिक विमर्श के साथ हुआ शुभारंभ
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. नरेंद्र प्रसाद मिश्र, इग्नू नई दिल्ली ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राजीव द्विवेदी, वृंदावन शोध संस्थान उपस्थित रहे। नरेंद्र शर्मा ‘नरेंद्र’ ने स्वागत गान प्रस्तुत किया और डॉ. अखिलेश चंद्र गौड़, कासगंज ने विषय प्रस्तुति दी।
विशिष्ट अतिथि के रूप में चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार एवं डॉ. पुरुषोत्तम पाटील मौजूद रहे। श्रीमती शिवांगी पुरोहित, ग्वालियर को सारस्वत सम्मान प्रदान किया गया। प्रथम सत्र का आभार ज्ञापन डॉ. विजेंद्र प्रताप सिंह ने किया।
द्वितीय सत्र: दिनकर के साहित्य पर हुआ गंभीर विमर्श
विमर्श सत्र की अध्यक्षता डॉ. के.डी. शर्मा, निदेशक सूरदास ब्रजभाषा अकादमी, गोवर्धन ने की। मुख्य अतिथि डॉ. मीना सोनी, विभागाध्यक्ष हिंदी, वीमेंस कॉलेज झारसुगुड़ा, ओडिशा तथा विशिष्ट वक्ता डॉ. निशा पाराशर, पटना रहीं।
शोध सत्र में डॉ. कैलाश चंद्र रावत, डॉ. अमिता वर्मा, डॉ. कविता सिंह और एएमयू की शोध छात्रा ममीना अहमद ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सत्र का आभार ज्ञापन हिंदी प्रचारिणी सभा की उपाध्यक्ष डॉ. सोम शर्मा ने किया।
तृतीय सत्र: कविताओं से सजी शाम, कवियों ने बांधा समां
तीसरे सत्र में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ने कार्यक्रम को साहित्यिक ऊंचाई प्रदान की। डॉ. के.डी. शर्मा और नरेंद्र शर्मा ‘नरेंद्र’ की अध्यक्षीय उपस्थिति में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवि-कवयित्रियों ने काव्यपाठ किया।
डॉ. अखिलेश चंद्र गौड़, प्रेमकिशोर पटाखा, प्रवीण दुष्यंत, वेद प्रकाश मणि, मुकेश उपाध्याय, पूनम शर्मा पूर्णिमा, डॉ. मीना सोनी, डॉ. निशा पाराशर, मनोज नागर, सुधांशु गोस्वामी, प्रदीप चौहान, अमिताभ शर्मा, पंकज भारद्वाज, अजय मिश्र, डॉ. दिनेश ‘एकाकी’, डॉ. विनोद कुमार शर्मा और अशरफ अली तोमर सहित अन्य कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कवि सम्मेलन का संचालन प्रदीप चौहान ने किया। समापन अवसर पर डॉ. विजेंद्र प्रताप सिंह ने आभार व्यक्त किया। इसके बाद सहभोज के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
