दैनिक रेवाँचल टाईम्स - नारायणगंज/मंडला। ग्राम पंचायत देवहार में संचालित पोस्ट ऑफिस की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोस्ट ऑफिस में लंबे समय से कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर बताई जा रही है कि 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी पोस्ट ऑफिस में कर्मचारी की उपस्थिति शून्य रही।
ग्रामीणों के अनुसार, जब पोस्ट ऑफिस कर्मचारी से फोन पर संपर्क किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि उनकी आईडी करीब डेढ़ महीने से बंद है, जिसके कारण वे देवहार के बजाय मुख्य डाकघर नारायणगंज में बैठकर काम कर रहे हैं। कर्मचारी की ओर से यह भी बताया गया कि देवहार पोस्ट ऑफिस में ग्राहक नहीं आते और कई बार मुनादी तथा सूचना देने के बावजूद ग्रामीण डाकघर नहीं पहुंच रहे हैं।
*लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है*
—क्या ग्राहकों की संख्या कम होने के कारण कोई सरकारी डाकघर बंद करके कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार दूसरे कार्यालय में बैठ सकता है?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी की आईडी बंद है या तकनीकी समस्या है तो उसका समाधान विभागीय स्तर पर किया जाना चाहिए। इसके लिए ग्रामीणों को सरकारी सेवा से वंचित रखना उचित नहीं है। पोस्ट ऑफिस केवल लेन-देन का स्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में आम जनता की जरूरी सरकारी सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है।
राष्ट्रीय पर्व पर भी नहीं पहुंचा कर्मचारी
सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा रहा था और देशभक्ति का माहौल था, लेकिन देवहार पोस्ट ऑफिस में कर्मचारी की मौजूदगी तक नहीं रही।
ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व केवल छुट्टी का दिन नहीं बल्कि सरकारी संस्थानों और कर्मचारियों के लिए जनता के प्रति जिम्मेदारी एवं कर्तव्यबोध का प्रतीक भी है। ऐसे अवसर पर संबंधित सरकारी कार्यालय में किसी जिम्मेदार कर्मचारी की अनुपस्थिति कई सवाल खड़े करती है।
*विभागीय अधिकारियों से जांच की मांग*
वही ग्रामीणों ने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्पष्ट किया जाए कि देवहार पोस्ट ऑफिस कितने दिनों से नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहा है, कर्मचारी की आईडी बंद होने की वास्तविक वजह क्या है, आईडी ठीक कराने के लिए विभाग ने अब तक क्या कार्रवाई की और क्या कर्मचारी को मुख्य डाकघर नारायणगंज में बैठकर देवहार का काम करने की अनुमति दी गई है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि देवहार पोस्ट ऑफिस को नियमित रूप से निर्धारित स्थान पर संचालित कराया जाए और आम जनता को डाक विभाग की सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत पर डाक विभाग के जिम्मेदार अधिकारी संज्ञान लेते हैं या फिर सरकारी व्यवस्था की यह तस्वीर यूं ही बनी रहती है।
*ग्रामीणों का सीधा सवाल है*—
वही जब सरकार गांव-गांव तक सुविधाएं पहुंचाने का दावा कर रही है, तो फिर गांव का पोस्ट ऑफिस ही गांव में क्यों नहीं चल रहा?
