रेवांचल टाइम्स, नैनपुर। मंडला, क्या नैनपुर नगर पालिका के अधिकारी इतने व्यस्त हैं कि बीच बाजार में कथित रूप से चल रहे अवैध निर्माण पर उनकी नजर ही नहीं पड़ रही? या फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना किसी और कहानी की ओर इशारा करता है?
नैनपुर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में एक दुकानदार द्वारा कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति के निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। इस मामले में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा कलेक्टर, एसडीएम एवं नगर पालिका को लिखित शिकायत देकर निर्माण पर तत्काल रोक लगाने और जांच की मांग की गई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य रुकने के बजाय लगातार जारी रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि निर्माण वैध है तो संबंधित विभाग इसकी अनुमति सार्वजनिक करे और यदि अवैध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह सवाल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
नगर पालिका की चुप्पी से बढ़ रहे सवाल
वही नगरवासियों का आरोप है कि खुलेआम निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन न तो नगर पालिका का अमला मौके पर पहुंचा और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में अवैध अतिक्रमण को और बढ़ावा मिलेगा।
311 दुकानों का मामला पहले से न्यायालय में
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर के 311 दुकानों से जुड़ा मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है, तब भी कथित रूप से नए निर्माण कार्यों का जारी रहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर नियम केवल कुछ लोगों के लिए हैं या सभी के लिए समान रूप से लागू होते हैं?
जनचर्चा का विषय बना मामला
नगर में चर्चा है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने के पीछे कहीं राजनीतिक संरक्षण या प्रशासनिक उदासीनता तो नहीं है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में निष्पक्ष जांच ही स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
नागरिकों की मांग है कि...
नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित निर्माण की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि निर्माण नगर पालिका अधिनियम एवं भवन निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो बिना किसी पक्षपात के वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित हो सके।

