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Friday, July 10, 2026

फोन तक नहीं उठाते कृषि उपसंचालक, फिर किसानों की सुनेगा कौन?



बीज संकट, बदहाल व्यवस्था और अफसरशाही से भड़का भारतीय किसान संघ, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी


दैनिक रेवांचल टाइम्स | डिंडोरी।खरीफ सीजन के बीच जब किसान समय पर बीज, खाद और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए कृषि विभाग की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है, तब विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने कृषि उपसंचालक के कार्य व्यवहार, किसानों के फोन तक रिसीव न करने, समय पर बीज उपलब्ध न कराने और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।



किसान संघ का कहना है कि जब जिले का जिम्मेदार कृषि अधिकारी ही किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है, तो आखिर किसान अपनी समस्या लेकर किसके पास जाए? यदि अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, तो किसानों को शासन की योजनाओं और तकनीकी सलाह का लाभ कैसे मिलेगा?

खरीफ सीजन में बीज नहीं, किसान परेशान

संघ ने आरोप लगाया कि खरीफ की सबसे महत्वपूर्ण बोनी के समय किसानों को समय पर बीज उपलब्ध नहीं कराया गया। नतीजा यह रहा कि कई किसानों की बोनी प्रभावित हुई। सवाल यह है कि क्या कृषि विभाग केवल बैठकों और कागजी दावों तक सीमित रह गया है, जबकि खेतों में किसान अपनी फसल बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है?

अधिकारी नहीं सुन रहे किसानों की आवाज

भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि कृषि उपसंचालक किसानों के फोन रिसीव नहीं करते। ऐसे में किसान अपनी समस्या न तो बता पा रहे हैं और न ही समाधान प्राप्त कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि विभाग की यह कार्यशैली सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की मंशा पर भी सवाल खड़े करती है।

किसानों ने पूछा—जिम्मेदार कौन?

ज्ञापन में किसान संघ ने स्पष्ट कहा कि यदि जिले का सर्वोच्च कृषि अधिकारी ही किसानों से संवाद नहीं करेगा तो आखिर जिले में किसानों का मार्गदर्शन कौन करेगा? क्या कृषि विभाग किसानों की सेवा के लिए बना है या सिर्फ कार्यालयों तक सीमित रहने के लिए?

सिर्फ कृषि नहीं, बिजली और बांध का मुद्दा भी गरमाया

किसान संघ ने शहपुरा में घोषित 132 केवी विद्युत सबस्टेशन का निर्माण तत्काल शुरू कराने की मांग की। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ, जिससे 316 गांव अघोषित बिजली कटौती से जूझ रहे हैं।

वहीं बिलगड़ा जलाशय परियोजना में ब्लास्टिंग से बांध के वेस्टवेयर और ढोंढ़ा बैगा टोला के मकानों में दरारें आने की शिकायत करते हुए उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा उपायों की भी मांग की गई।

उद्यानिकी विभाग का स्थायी कार्यालय भी बने

किसान संघ ने कहा कि जिले और विकासखंड स्तर पर उद्यानिकी विभाग के स्थायी कार्यालय नहीं होने से किसानों को योजनाओं और तकनीकी सेवाओं का समय पर लाभ नहीं मिल रहा। इसलिए प्रत्येक विकासखंड में स्थायी कार्यालय स्थापित किए जाएं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसान संघ ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या कृषि विभाग खेत में खड़े किसान की आवाज सुनेगा या फिर किसान अपनी समस्याओं के साथ यूं ही सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाता रहेगा?

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