आदिवासियों पर पेशाब करवाने वाली भाजपा कर रही झूठ की राजनीति मेडिकल कॉलेज के नाम पर सिर्फ झूठ परोस रही भाजपा, नागरिकों को कर रही गुमराह... - revanchal times new

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Saturday, October 7, 2023

आदिवासियों पर पेशाब करवाने वाली भाजपा कर रही झूठ की राजनीति मेडिकल कॉलेज के नाम पर सिर्फ झूठ परोस रही भाजपा, नागरिकों को कर रही गुमराह...


रेवांचल टाईम्स - मण्डला, मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार 18 साल के शासनकाल में यदि किसी क्षेत्र में नम्बर 1 बन पायी है, तो वो सिर्फ आदिवासियों के खिलाफ होने वाले अत्याचार के मामले को लेकर है। भाजपा के 18 साल के शासनकाल में आदिवासियों के खिलाफ अब तक 30406 मामले दर्ज हुए हैं यह संख्या अपने आप में इतनी बड़ी है जिससे भाजपा का आदिवासी प्रेम खुद ही झूठा साबित हो जाता है चाहे वह नेमावर की घटना हो चाहे सीधी में आदिवासी समाज के नागरिक के ऊपर भाजपा नेता के द्वारा पेशाब किये जाने का मामला हो, हर मामले में भाजपा आदिवासियों पर अत्याचार करने वाली पार्टी ही बन कर रह गई हैं। आदिवासी बाहुल्य हमारा मण्डला जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कई दशकों से तरस रहा है। न तो यहां अस्पतालों की व्यवस्था अच्छी है और न ही इलाज की वर्ष 2019 में कांग्रेस सरकार के शासनकाल में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी जाती इससे पहले ही भाजपा ने खरीद फरोख्त करके कांग्रेस की सरकार गिरा दी और तब से लेकर अब तक मेडिकल कॉलेज का काम रोक कर के रखा गया। अब जब सामने चुनाव है तब भाजपा को इस मेडिकल कॉलेज की याद आयी और श्रेय लेने की नीयत से आनन-फानन में इसका भूमि पूजन भाजपा के निवास विधानसभा के घोषित प्रत्याशी के माध्यम से करा दिया गया। कांग्रेस शासनकाल के समय में जब इस मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति हुई थी तब इसकी कुल लागत 325 करोड़ रूपये थी और गत दिनों जब इसका इसका भूमि पूजन किया गया तो लागत 249.63 करोड़ दशायी गई। जब 2019 में लागत 325 करोड़ थी तो अब भाजपा को यह बताना चाहिए कि 4 साल बाद 2023 में इसकी लागत 75 करोड़ कम कैसे हो गई। वहीं इस भूमि पूजन कार्यक्रम में भी भाजपा ने आदिवासी समाज और आदिवासी जनप्रतिनिधियों का अपमान किया। जिले के आदिवासी विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों को इस भूमि पूजन कार्यक्रम में बुलाया तक नहीं गया, वहीं इस मेडिकल कॉलेज का नामकरण जो कि राजा हृदयशाह के नाम पर किया जाना था उसे भी दरकिनार करते हुए भूमि पूजन की शिला पर केवल मेडिकल कॉलेज ही लिखा गया और राजा हृदयशाह का नाम इस शिला से गायब कर दिया गया। अपने इसी आदिवासी विरोधी कृत्य को छुपाने के लिए भाजपा के एक बड़बोले नेता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करवाके राजा हृदयशाह के नाम से मेडिकल कॉलेज कांग्रेस नहीं चाहती का विषय उठाया है जिसमें भाजपा खुद ही उलझ जिसकी बानगी भूमि पूजन कार्यक्रम में लगाया गया पत्थर खुद ही बयां कर रहा है। हर समय आदिवासियों का अपमान करने वाली भाजपा को चुनाव के पहले आदिवासी समाज याद आ रहा है लेकिन आदिवासी समाज में भाजपा के प्रति इतना आक्रोश पनप चुका है कि अब भाजपा की मध्यप्रदेश से विदाई तय हो चुकी है। अब इनके झूठ फरेब काम नहीं आने वाले हैं। कांग्रेस पर झूठा आरोप लगाने वाले बड़बोले नेता शायद यह सोच रहे हैं कि झूठा आरोप लगाकर वे सुर्खियां बटोर सकते हैं और शायद इसी के सहारे उन्हें भाजपा टिकिट भी दे सकती हैं मगर पूरा मण्डला जिला इन महाशय के झूठ और बड़बोलेपन से वाकिफ है। जिस जगह पर यह आरोप लगाये जा रहे हैं उस जगह जिले की मीडिया भी मौजूद थी जो खुद सारे वाकिये की साक्षी है तो ऐसे में यही कहा जा सकता है कि भाजपा अपने ही उठाये मुद्दे से हिट विकेट हो गई। 18 साल में आदिवासियों पर हुए अत्याचार के 30406 मामलों का जबाव भाजपा को देना चाहिए। वहीं भाजपा को यह भी जवाब देना चाहिए कि मध्यप्रदेश में वन भूमि के 627583 वनाधिकार दावों में से 322699 दावे खारिज क्यों कर दिये गये। मध्यप्रदेश में बैकलॉक की भर्ती क्यों बंद कर दी गई।

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