रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य मंडला जिला आज भी मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से बहुत पिछड़ा हुआ है आज भी ऐसे अनेकों ग्राम है जहाँ पर सड़क पानी बिजली की लोगो को मुलभूत सुविधाएं से वंचित है
वही जानकारी के अनुसार विकास खण्ड नारायणगंज पहले बारिश में निर्माण का खुला पोल आवागमन हुआ बाधित निर्माणाधीन पुल में ठेकेदार की लापरवाही से जलभराव के कारण डेढ़ दर्जन के लगभग स्कूल नहीं खुल सके चूंकि स्कूलों तक शिक्षक पहुंच ही नहीं पाए, वही दिन भर पुल के दोनों तरफ लगा रहा वाहनों का भीड़ पूरे दिन इंतजार के बाद भी अपने गंतव्य तक लोग नहीं पहुंच पाए, ज्ञातव्य हो कि विकासखंड मुख्यालय के समीप मुख्य मार्ग नेशनल हाईवे 30 से लगे कूड़ामैली से कछारी पहुंच मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण महीनों से अधूरा अटका हुआ है। आवागमन में यहां के हजारों ग्रामीणों को परेशानियों का सामना दिन रात करना ही पड़ रहा था अब बारिश के कारण हालत गंभीर हो चले हैं। लगभग 14 किलोमीटर सड़क जिसका निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है पिछले 3 महीने से लगभग तीन-चार किलोमीटर सड़क पर गिट्टी बिछा कर छोड़ दिया गया है।कीचड़ से सने गिट्टी भरे सड़क जिससे आमजन को आवागमन में मुसीबतों का सामना तो करना ही पड़ रहा है। दूसरी तरफ सबसे बड़ी मुसीबत का कारण यहां निर्माणाधीन पुलिया बना हुआ है। जोकि अब तक अधूरा है और इसी सड़क से जुड़े 12 गांव यहां के हजारों रहवासी एकमात्र पुल से आना जाना करता है। अव्यवस्थित निर्माणाधीन पुल के कारण उपचार हेतु मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे,स्कूली बच्चों का आना जाना बंद हो गया, शिक्षक अपने स्कूलों तक नहीं पहुंच पा रहे। समस्त शासकीय कार्यालय ब्लॉक मुख्यालय में स्थित है जहां से जुड़ाव लोगों का सीधे तौर पर कट जाता है । हाल ही में निर्माणाधीन पुल का स्लैप डाला गया है जिसके दूसरे दिन जोरदार बारिश होने से जलभराव हो गया जिससे यहां आने जाने वालों का रास्ता पूर्ण रूप से बाधित हो गया। देर शाम तक जलभराव कुछ हद तक कम होने के पश्चात अपने गंतव्य तक पहुंचने यात्री अपने वाहन मोटरसाइकिल ऑटो आदि को नवनिर्मित पुल जिसका स्लैब 1 दिन पहले डाला गया है। वहीं पुल जिसके नीचे सेंटिंग लगा हुआ है मजबूरन उसके ऊपर से ही बड़े कठिनाइयों के साथ चूंकि रोड के सतह से पुल की ऊंचाई लगभग 5 फीट है दोनों तरफ मिटटी मुरम डालकर हल्की ढलान बना दिया गया है वहीं से बड़े मशक्कत के बाद गाड़ियों को चढ़ा कर लोग आना जाना शुरू कर दिए हैं। अब यहां ऐसे हालत में उक्त निर्माणाधीन फुल के गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तकनीकी नियमों की माने तो कोई भी स्लैप ढलाई के बाद लगभग 15 से 20 दिन उसे पकने के लिए समय लगता है।तब तक पुल से आवागमन बंद रहना था। परंतु आवागमन के लिए दूसरा और कोई विकल्प ना होने के कारण यहां दूसरे दिन से वाहनों का आना-जाना शुरू कर दिया गया है निर्माण कार्य को समय पूर्व पूर्ण करने के लिए ठेकेदार के पास पर्याप्त समय था परंतु लापरवाही की हद ऐसी कि आज इस क्षेत्र के आमजन के आवागमन में मुसीबतें खड़ी करते हुए अपनी नाकामयाबी और लापरवाही का अनूठा प्रदर्शन किया जा रहा है। इन्ही सब परेशानियों को लेकर विगत दिनों क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सामाजिक कार्यकर्ता जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत पत्र भी जिला कार्यालय पहुंचकर सौंपे।परंतु मामला सिफर रहा।
इनका कहना है
हाल में नारायणगंज विकासखंड के कई सड़क अधूरे पड़े हैं जिनमें से एक यह सड़क भी है, इसके अलावा चुटका, चमरवाह, पिंडरईमाल सड़क सहित अन्य सड़कों की स्थिति बेहद बद से बदतर और गंभीर है जहां पर आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं हो रही है जिला प्रशासन ने निष्क्रियता की सारी हदें पार कर दीं हैं, जिला प्रशासन की गंभीर लापरवाही है। वहीं आमजन जीवन को प्रभावित करने वाले निर्माण कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इंजी. भूपेन्द्र वरकड़े
सदस्य जिला पंचायत मंडला
विकास का पता नहीं फिर भी विकास यात्रा और गौरव यात्रा में मस्त जिला प्रशासन को आमजन के सुविधाओं से तनिक भी सरोकार नहीं है समय-समय पर जिम्मेदारों द्वारा निरीक्षण किया जाता तो आज लोगों को तकलीफ भरे दिन देखने ना मिलते।
सेवाराम पंद्रो
ब्लॉक अध्यक्ष गोगपा
आवागमन की समस्या को लेकर क्षेत्रीय जनों में भारी आक्रोश उत्पन्न हो रहा है किसी दिन निश्चित ही क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतर आएंगे शायद तभी प्रशासन होश में आकर कुछ गंभीर कार्रवाई करेगी।

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