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Friday, June 16, 2023

वृक्षारोपण के नाम से करोड़ों रुपए की खेली गई होली प्राकृतिक और पर्यावरण से जमकर हो रहा हैं खिलवाड़

 




रेवांचल टाईम्स - मंडला। आदिवासी बाहुल्य जिला का सौभाग्य कहां जाएं या दुर्भाग्य कारण जो भी पर मंडला जिला की घुघरी और मवई जनपद पंचायत के अंतर्गत वृक्षारोपण के नाम से अधिकारी कर्मचारियों ने करोड़ों रुपए की जमकर होली खेली गई, जैसी इन्हें इनके ससुराल से दहेज में मिली हुई हो।


वर्ष 2005 से लेकर 2023 तक वन विभाग से लेकर सभी विभागों के अंतर्गत शासन द्वारा एक अभियान चलाक शहर से लेकर गांव तक पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपए के वृक्षारोपण करवाए जाते हैं लेकिन लगाए गए वृक्षारोपण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए,और अधिकारी कर्मचारी मालामाल हो गए।


वृक्षारोपण करने के नाम से जनपद पंचायतों ने किया सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार


बता दें कि पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए शासन की योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष समय-समय पर वृक्षारोपण करने के लिए प्रचार-प्रसार कर शासकीय विभागों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बृहद रूप से वृक्षारोपण करने के नाम से आई राशि का बंदरबांट कर दिया गया। वर्ष 2005 से 2023 तक जनपद पंचायत मवई और घुघरी की जांच कराई जाए तो उक्त वर्षों में वृक्षारोपण करने के नाम से कितनी राशि स्वीकृत की गई और कितना वृक्षारोपण किया गया। धरातल  की जांच कराई जाए तो भारी भ्रष्टाचार उजागर हो जाएगा, लेकिन प्रशासन जांच कराती कहां है। प्रत्येक वर्ष वृक्षारोपण के नाम से भ्रष्टाचार किया गया और अखबारों की सुर्खियां बनी रही, लेकिन प्रशासनिक नुमाइंदे जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करते रहे। प्रकृति और पर्यावरण से खिलवाड़ करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।


कहां गए वृक्ष मित्र और कहां गए फेंसिंग पोल,और ट्री गार्ड


ज्ञात हो कि जिले भर में वृक्षारोपण किए तो गए और नहीं भी किए गए, और वृक्षारोपण की देखरेख व पानी सिंचाई के लिए वृक्ष मित्र भी रखे गए। वृक्ष मित्र के नाम से राशि भी निकाली गई, लेकिन वृक्ष मित्रों ने अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया, जिससे किए गए वृक्षारोपण पानी के अभाव में सूख कर अपनी कहानी स्वयं बयां कर रहे हैं। इसी तरह किए गए वृक्षारोपण की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड और फेंसिंग पोल के नाम से भी करोड़ों की राशि निकाली गई, लेकिन ना ही फेंसिंग पोल लगाए गए और ना ट्री गार्ड लगाए गए। कुछ जनपद पंचायतों के अंतर्गत लेंटाना और बेशरम के पेड़ के ट्री गार्ड लगाए गए और राशि लोहे की ट्री गार्ड की निकाली गई। इसी तरह सीमेंट के फेंसिंग पोल तो नहीं लगाई गए और अवैध कटाई कर लकड़ियों की फेंसिंग पोल लगाए गए और राशि सीमेंट पोल की निकाली गई। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी कर्मचारियों ने प्रकृतिक और पर्यावरण के साथ जमकर खिलवाड़ किया गया, जिसका खामियाजा आम जनों को भोगना पड़ रहा है।

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