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Sunday, April 16, 2023

एहसास मर चुका हो जिम्मेदारों का, जब किससे कहें कि पांव से कांटा निकाल दो पूरा जिला मुख्यालय हो गया है धूल से सराबोर, जिम्मेदार उढ़े हुए खामोशी की चादर




रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के जिला मुख्यालय में चल रहे सीवर लाइन कार्य से पूरा जिला मुख्यालय की दशा ध्वस्त होकर रह गई है। जिसका दंश शहर वासियों को भोगना पड़ रहा है। ठेकेदार के द्वारा मनमानी की जा रही है, धूल के गुब्बार से पूरा शहर सराबोर हो गया है। गिट्टी की डस्ट को किसी भी चौराहे व सड़कों में वाहनों से गिरवाया जा रहा है, जिससे भयंकर रूप से धूल के गुब्बारे शहर में उड़ रहे हैं, ठेकेदार के कर्मचारियों के द्वारा उड़ने वाली डस्ट में पानी के फव्वारे नहीं मारे जा रहे हैं। इसी तरह सड़कों की खुदाई कर मिट्टियों को सड़कों में फैलाया जा रहा है, मिट्टी सूखने पर वह धूल का रूप लेकर शहर में उड़ रही है, इसमें भी पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। सीवर लाइन डालकर यूं ही मिट्टी पाट कर छोड़ दिया जा रहा है।


ठेकेदार की चल रही मनमानी


बता दें कि जिला प्रशासन से लेकर निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी सीवर लाइन के ठेकेदार की अव्यवस्थाओं को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ना ही ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्यवाही की जा रही है। जिससे ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। एक तरफ सीवर लाइन कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही है व गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ठेकेदार के द्वारा कराए जा रहे सीवर लाइन कार्य को लेकर अनेक बार उंगलियां भी उठ चुकी है व समाचार पत्रों की सुर्खियां भी बनी हुई है। इसके बाद भी ठेकेदार की दहशत से कोई बोलने वाला नहीं है। ना ही ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्यवाही की जा रही है। तकनीकी अधिकारी भी गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। समय रहते जिला प्रशासन और निर्वाचित जनप्रतिनिधि सांसद और विधायक गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में शहर वासियों को सीवर लाइन की समस्या से जूझना पड़ेगा। ठेकेदार अपना काम कर चला जाएगा और राशि का भुगतान भी हो जाएगा।


उड़ने वाली धूल से हो सकती है बीमारियां

विशेषज्ञ बताते हैं कि उड़ने वाली धूल से अस्थमा और टीवी जैसे बीमारियां हो सकती है। उड़ने वाली धूल (डस्ट) से बचने के लिए मास्क और चश्मा का उपयोग करना चाहिए। उड़ने वाली धूल से आंखों पर भी  बुरा प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन द्वारा सीवर लाइन ठेकेदार के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करें तो उड़ने वाली धूल से होने वाली बीमारियां से आम लोगों को बचाया जा सकता है। आगे बताया गया है कि सड़क किनारे होटलों में रखें खाद्य सामग्री में धूल (डस्ट) पढ़ने से वह दूषित हो रहे है। जिसे खाने पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। सीवर लाइन के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जिसके जिम्मेदार ठेकेदार है पर ठेकेदार के कर्मचारियों को सीवर लाइन कार्य कराने के लिए स्टीमेट के आधार पर दिशा निर्देश नहीं दिए जा रहे हैं। जिसके चलते ठेकेदार के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। शहर वासियों को उड़ने वाली धूल से, घर से लेकर प्रतिष्ठानों तक इस समस्या से जूझ रहें हैं, जिसके कारण शहर वासियों का गुस्सा फूट रहा है।

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