Breaking

revanchal times new

सावधान! जिन पेपर में पैक हो रहे हैं आपके पसंदीदा बर्गर-पेस्ट्री, वे हैं सेहत के लिए खतरनाक, शोध में हुआ खुलासा



आजकल लोगों को फास्ट फूड खाने का बहुत शौक है। लोग अक्सर बाजार से बर्गर, पेस्ट्री, रोल्स और डोनट्स पैक करवाकर लाते हैं। हालांकि फास्ट फूड हमारी सेहत के लिए अच्छे नहीं होते। इसके बावजूद लोग इन्हें बड़े चाव से खाते हैं। अब एक नए शोध में खुलासा हुआ है कि ये फूड आइटम्स, जिन रैपर्स में पैक होकर आते हैं, उनमें भी कई खतरनाक रसायन होते हैं। शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन टीम ने इसे लेकर चेतावनी दी है। दरअसल, बर्गर और पेस्ट्री को पैक करने के लिए जिन पेपर बैग और कंपोस्टेबल पेपर बाउल्स का इस्तेमाल किया जाता है, वे हानिकारक रसायनों से भरे होते हैं। शोध में यह भी कहा गया है कि ये पेपर्स न केवल मानव स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण के लिए भी काफी खतरनाक हैं।

खतरनाक है केमिकल
सिंगल यूज प्लास्टिक, पेपर बैग्स और कम्पोस्टेबल फूड कंटेनर्स पर बैन के बीच, इसके विकल्प में के रूप में एसेग्रीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें पेरफ्लुओरोक्टानोइक सल्फेट या पीएफओएस नामक एक रसायन होता है। ये मैन मेड केमिकल्स में से एक, जिसे पॉलीफ्लोरोआकाइल पदार्थ या पीएफएएस कहा जाता है। ये केमिकल काफी खतरनाक है और इन्हें फॉरएवर केमिकल भी कहा जाता है, क्योंकि ये बहुत धीरे-धीरे टूटते हैं और पर्यावरण, मानव टिशू, लिवर में जमा होते जाते हैं।

फ्लोरीन और पीएफएएस के उच्चतम स्तर पाए गए
इससे पहले कनाड़ा, यूएस और स्वीटजरलैंड के शोधकर्ताओं ने 42 प्रकार के पेपर फूड पैकेजिंग का परीक्षण किया था, जिसमें कंपोस्टेबल पेपर बाउल, सैंडविच और बर्गर रैपर, पॉपकॉर्न सर्विंग बैग और डोनट्स जैसे डेसर्ट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैग को भी खतरनाक बताया था। शोध के परिणामों से पता चला है कि बर्गर, पेस्ट्री और डोनट्स जैसी चिकनी वस्तुओं के साथ-साथ कंपोस्टेबल पेपर बाउल में इस्तेमाल होने वाले पेपर बैग में फ्लोरीन और पीएफएएस के उच्चतम स्तर पाए गए हैं। दरअसल, इनके कच्चे गूदे को सख्त बनाने और लिक्विड के संपर्क में आने पर पिघलने या खराब न होने से रोकने के लिए बहुत सारे पीएफएएस का इस्तेमाल किया जाता है।

हो सकती हैं ये समस्याएं
पिछले अध्ययनों ने PFAS को मनुष्यों और जानवरों में विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य प्रभावों से जोड़ा जा चुका है, जिसमें कैंसर का बढ़ता जोखिम, प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और फर्टिलिटी क्षमता में कमी, परिवर्तित मेटाबॉलिज्म और मोटापे को बढ़ने जैसे जोखिम शामिल हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new