रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले में अबैध कालोनी का दौर चल रहा है जिसे देखो वह कॉलोनाइजर बन बैठा है और जहाँ देखो वहाँ प्लाट काट रहे है न कोई अनुमति ओर न कोई व्यवस्था फिर भी काटे जा रहे और जिन्हें जो इन्हें रोकने की जिम्मेदारी दी है वह चेन की नींद सो रहे है।
कॉलोनियों प्रशासन ने अवैध कालोनाइजर पर कार्यवाही का दिलाया भरोसा अवैध कॉलोनी राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रोजाना बेच रहे प्लॉट और हो रही रजिस्ट्री
प्रदेश के मुख्यमंत्री का बुलडोजर नैनपुर नगर तक नही पहुँच पा रहा है क्योंकि यहाँ हर विभाग के अधिकारी शासन को नुकसान और चुना लगने वालों के साथ है जिसके चलते प्रशासन का बुलडोजर नैनपुर की सीमा को छू नही पा रहा है। वही नैनपुर विकासखंड मंडला जिले का जागरूक विकासखंड है। मगर उसकी जनता सीधी और सरल स्वभाव की है। मगर नैनपुर नगर में कुछ अवैध कालोनाइजर ने भोली भाली जनता को जमकर लूट माल कर करोड़ पति हो गए है। मगर राजस्व विभाग में बैठे नैनपुर नगर के पूर्व पटवारी प्रदीप उसराठे और राजस्व निरीक्षक देवेद्र नेताम और अवैध कालोनाइजर कोड़ियो के दाम पर जमीन खरीद कर अवैध कॉलोनी का निर्माण कर बेच रहे है। वही विभाग की गोपनीय जानकारी के अनुसार माल दो और कुछ भी करो कि तर्ज पर कार्य चल रहा है मगर कहते है ना सिक्कों की चमक किस को बुरी लगती है जिसके कारण राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत और संरक्षण के कारण नैनपुर अवैध कालोनियों से गड़ बन गया है। और नैनपुर नगर का पूर्व पटवारी प्रदीप उसराठे ने ऐसा खेल रचा की नगर की आसपास की सरकारी जमीन को निजी भूमि में शामिल कर बेच रहे हैं। प्लाट बना कर बेच डाला मगर राजस्व अधिकारियों को लागतार शिकायत होती रही मगर कार्यवाही शून्य होने के कारण हौसले बुलंद हो चुके है। इसी तर्ज पर नैनपुर नगर में अवैध कालोनियों की बाढ़ आ गई है अगर कोई शिकायत करता है तो दबी जुबान में अवैध कॉलोनीजार घटना करने के लिये आमदा रहते है
नैनपुर में एक मामला
नैनपुर में इन दिनों काफी चर्चाओं में है जिसकी भनक तहसील कार्यालय में भी सुनाई दे रही हैं। अवैध कॉलोनी निर्माण में के पीछे अवैध कॉलोनी जिसकी शिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को गई मगर उनके कार्यवाही नही होने के कारण अवैध कॉलोनाइजर के द्वारा नैनपुर नगर का पूर्व पटवारी प्रदीप उसराठे की साठ गांठ के चलते नैनपूर नगर अवैध कालोनियों की बाढ़ आई जिसमे पटवारी ने जमकर माल कामया और परिवार के नाम पर संपत्ति खरीदी और समय रहते नैनपुर नगर से स्थानतरण करवाकर मोटा माल कमा रहा है वही जानकार यह भी बताते है कि पटवारी डियूटी कम नैनपुर के तहसीलदार और sdm के दफ्तर में ज्यादा समय देखा जा सकता है वही नैनपुर में बुलडोजर चलेगा या नही एक सवाल है। नगर में कॉलोनियों का निर्माण नियमों को ताक पर रख नजर बंद करने के लिए महंगे हैं और जिम्मेदारों को इसको कराया गया अवैध कालोनी का में कॉलोनाइजर एक्ट बना लेकिन और जिला प्रशासन का ध्यान नहीं निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है। चश्मे दें दिए होंगे। अवैध कॉलोनी सूचना भी वहीं नैनपुर नगर में वैध कारोबार धमने का नाम नहीं ले रहा है वही वार्ड नं0 15 में 2 कालोनियों का निर्माण किया गया है जिसमें एक ने तो नहर के ऊपर ही कॉलोनी बना दी वही दूसरे नदी के पार्ट पर मगर राजस्व विभाग सिर्फ अवैध कॉलोनाइजर के चक्कर और नाप जोख में लगा वही असली मलाई पटवारी आर आई और पूर्व के तहसीलदार ने जमकर माल खाया अब डकार लेने के लिये उफ भी नही कर रहें है।
अवैध कालोनियों में Tncp और रेरा विभाग से कोई अनुमति ना ही कोई नक्शा पास है न ही राजस्व विभाग की अनुमति
वही नैनपुर नगर में अवैध कालोनियों के बड़े बड़े फ्लैक्स बोर्ड लागये है कुछ तो पम्पलेट छपाकर बाटे है वर्तमान में नवीन कॉलोनियों दर्शायी गई, असल में नहीं। 1997 का निर्माण क्यों इस एक्ट का ध्यान स्थल पर लागू है। नहीं किया गया। नियमों के विरुद्ध अवैध कॉलोनी बनाई गई है जिस न ही नगर निवेश कार्यालय से संचालकों का कहना है कि अवैध नगर में कुछ चिन्हित चेहरे है अनेक कॉलोनियों का निर्माण खरीदते समय तमाम सुविधाओं कॉलोनियों का निर्माण करने वाले रहा है। कॉलोनी के निर्माणों से व्यवसाय में लगे है। इतना ही नही कॉलोनाइजर ने अवैध उत्खनन कर हजारों घन मीटर मुरम की पूराई की है जिसमें खनिज विभाग की मोनं सहमति और अवैध उत्खनन मुरम कॉलोनाइजर ने कहा से खुदाई कर के लाया गया इसकी भी जाँच भी राजस्व अधिकारियों ने दबा दिया गया जिससे साफ होता है कि अवैध कॉलोनाइजर के हौसले किंतने बुलंद है वही अवैध कॉलोनाइजर ने कृषि योग्य भूमि को गुपचुप स्वामी उन्हें नक्शे में तमाम अवैध कॉलोनी के कई प्लाट बेच दिखाकर अवैध कॉलोनी के प्लाटो चौड़ी लिखा पढ़ी प्रक्रिया करने के है। वहां के वाशिंदे आज भी तरीके से भू-स्वामियों द्वारा विक्रय सुविधाओं को दर्शाकर उन्हें प्लाट दिए हैं। जिसमें पटवारी के द्वारा को विक्री की जा रही है। जब वैध कॉलोनी की अनुमति मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। और राजस्व विभाग के अधिकारियों की साठ गांठ से कॉलोनी बनाने बेचने में कामयाब हो जा रहें है वही पटवारी भी हिस्सा लेकर पर्चा भी जारी कर देता हैं। अवैध कॉलोनाइजर एक्ट के तहत से पहले सरकारी औपचारिकताएं लेकिन उपभोक्ताओं को सुविधाओं यह अवैध कालोनियों बेची जा रही है।
अवैध कॉलोनाइजर पर राजस्व विभाग को मेहरबानी क्यो
अवैध को कॉलोनियों पर इतनी मेहरबानी उपभोक्ताओं को बिजली, पानी, अनुमति के लिये करनी पड़ती है। मुख्यालय सहित आसपास सड़क, नाली, पो ग्राउंड एवं लेकिन नैनपुर में अनुमति के पहले हासिल नहीं हुआ। अवैध कॉलोनी में न तो जा रहे हैं। आखिर यह खेल कम को ग्राम पंचायतों में अवैध गार्डन की सुविधा उपलब्ध कराना उपभोक्ताओं को रिझाने के लिये कॉलोनाईजरों द्वारा फ्लैक्स बोर्ड लगाये जा रहे हैं और सुविधाओं की बाट जोह रहे हैं। वही अवैध कॉलोनाइजर के द्वारा भू-स्वामी से उपभोक्ता प्लाट की बात कहता है जिस पर भू प्लाटों की बुकिंग कर उपभोक्ताओं को ठगने का कारोबार निरंतर जारी है। अवैध कॉलोनियों के निर्माण का व्यवसाय तेजी से फल-फूल रहा है। बावजूद इसके अधिकारी मौन साधे हुये हैं। इस महत्वपूर्ण मसले पर अधिकारियों की चुप्पी अनेक सवालों को जन्म दे रही है। पूर्व के समय कॉलोनियों का निर्माण किया गया तो कॉलोनाइजरों द्वारा अनुमति लेने के दौरान तमाम शर्तों को पूर्ण करने के वायदे किये गये। जिनकी आज तक जांच नहीं की गई। मगर रेवांचल टाइम्स की मुहिम से अवैध कालोनाइजर में हड़कंप का माहौल है।


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