.
रेवांचल टाईम्स - मंडला, मध्यप्रदेश के अंदर अफ़सरशाही इतनी हाबी हो चुकी है कि इनके सामने पक्ष व विपक्ष के नेता भी बोने साबित होते नजर आरहें है अगर कोई जनप्रतिनिधि या समाजसेवी इनके भृष्टाचार की पोल खोलना चाहता है तो शासकीय कर्मचारी एक जुट होकर सुनुयोजित तरीके से चरणबन्द होकर शिकायत बापिस कराने व अपने भृष्टाचार को दबाने संबंधित लोगो पर कई प्रकार से दबाव बनातें है। ऐसे ही कुछ मामला बीजाडांडी विकासखंड क्षेत्र में देखने को मिल रहे है, बतादें बीते दिनों जनपद पंचायत बीजाडांडी में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवदंपति को सामिग्री वितरण होने आई थी लेकिन उक्त सामिग्री शासकीय नियमानुसार आईएसआई मार्का की नही थी जिसका विरोध करतें हुए क्षेत्रीय जनपद सदस्यो ने सामिग्री बापिस कराने हेतु शासन प्रशासन के आलाधिकारीयों फोन पर पहले ही अवगत करा दिया। लेकिन अफ़सरशाही व कमीशन के चलते अधिकारी कर्मचारियों ने उक्त सामिग्री जनपद सदस्यों को गुमराह करतें हुए वितरण करने की भरपूर कोशिश की लेकिन जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सदस्यो ने जन्ता हित में उक्त सामिग्री को वितरण नही होने दिया। जिसकी वजह से सामिग्री क्रय करने वाली समिति व शासकीय कर्मचारियों को प्रदेश में काफी जिल्लत का सामना करना पड़ा और इसी वजह से खिन्न होकर स्थानीय शासकीय कर्मचारियों व अधिकारियों ने विरोध कर रहे जनप्रतिनिधियों की शिकायत जिला कलेक्टर से करदी जिसके आधार पर जिला कलेक्टर ने संबंधित जनप्रतिनिधियों को पंचायत अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर दिया। जिसके बाद बीजाडांडी क्षेत्र के अधिकतर विभागों के कर्मचारियों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत की जिससे प्रतीत होता है कि क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारी भृष्टाचार को दबाने जनप्रतिनिधियों को किस कदर प्रताड़ित किया जारहा है इतना ही नही जनपद पंचायत बीजाडांडी की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों ने शासकीय कर्मचारियों से अपनी जान को खतरा बताते हुए स्थानीय थाने में आवेदन दे कर सुरक्षा की मांग की है।
वही दूसरा मामला भी जनपद पंचायत बीजाडांडी से जुड़ा हुआ है- बीते कई महीनों से एक समाजसेवी व पत्रकार द्वारा जनपद पंचायत बीजाडांडी में पदस्थ उपयंत्रियों के द्वारा ग्राम पंचायतों में किए गये भृष्टाचार को पेपर व शोसल मीडिया के माध्यम से लगातार उजागर किया जारहा है। लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा भृष्टाचार में लिप्त उपयंत्री व पंचायत कर्मियों पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई। उल्टा भृष्टाचारियो द्वारा संबंधित समाजसेवी व पत्रकार को झूठे मामलो में फंसाने और मारपीट करने जैसी धमकियां दी जाने लगी लेकिन उक्त समाजसेवी व पत्रकार जनपद कर्मियों की धमकियों से डरे नही और उन्होंने जनपद पंचायत क्षेत्र में उपयंत्रियों द्वारा कराए गये भृष्टाचार को उजागर करने के लिए 09 फरवरी 2023 को जनपद पंचायत बीजाडांडी में सूचना के अधिकार लगा कर निर्माण कार्यो की जानकारी मांगी जिससे भृष्टाचारी और बोखला गये। सूचना के अधिकार लगाने वाले समाजसेवी व पत्रकार सबक सिखाने के लिए संबंधित लोगो द्वारा साजिश रच डाली लेकिन उक्त समाजसेवी फिर भी लगातार भृष्टाचार की पोल खोलते नजर आरहें है। इतना ही नही इन भृष्टाचारियो ने बीते दिनों कुछ पंचायत कर्मियों द्वारा पैसे का लालच देकर सूचना के अधिकार बापिश कराने की कोशिश की लेकिन उक्त समाजसेवी ने इनकी बात नही मानी। इसी बात से खिन्न होकर जनपद पंचायत के भृष्टाचारी कर्मचारी समाजसेवी व पत्रकार को एसटी/एससी या अन्य मामलों में फसा कर जेल भेजने की योजना बना रहे है। समाजसेवी व पत्रकार के सूत्रों ने बताया कि बीते दिनों इन लोगो द्वारा ग्राम पंचायत पंचायत बीजाडांडी में बैठ कर योजना बनाई है कि कैसे भी करके सूचना के अधिकार को बापिश करना है अगर बापिश नही करता है तो इसको किसी भी मामले में फसा कर जेल भिजवा दो। जिसके चलते पीड़ित ने रेवांचल टाइम्स से कहा जो भी अधिकारी कर्मचारी है बो संवैधानिक तरीके लड़ाई लड़े आप लोग मुझें या मेरे परिवार के किस भी सदस्य को किसी मामले में फंसाने या डराने की कोशिश न करें। अगर आप लोग इतने ही सच्चे है तो सूचना के अधिकार की जानकारी देदें जिससे स्पस्ट हो जाएगा कि कौन सही और कौन गलत है।

No comments:
Post a Comment