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Tuesday, March 21, 2023

दुकानदार को यह नहीं पता उसकी दुकान में क्या बिकता है,पंचायत ने लगाए उसके हजारों के बिल.... पंचायतों का भृष्टाचार चरम सीमा पर जिम्मेदार बन बैठे हैं धृतराष्ट्र.....


दैनिक रेवांचल टाइम सिवनी –गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पंचायती राज का गठन किया गया है,इसके लिए ग्राम पंचायत में मूलभूत पंद्रहवें वित्त व पंचायत को टैक्स वसूली की योजनाओं से पंचायत के खाते में राशि आती है, जिससे पंचायत की आवश्यकता अनुसार खर्च किया जाता है लेकिन घंसौर विकासखंड में इस योजना का पैसा विकास के बजाय फर्जी बिल लगाकर किया जा रहा है, जो सरकार व जनता के पैसे को सरपंच, सचिव, दुकानदार व संबंधित विभाग में बैठे आला अफसर की मिलीभगत दर्शाता है। सचिव को ग्राम पंचायत के नियमावली की जानकारी नहीं जो कहीं के दिल कहीं उपयोग कर लेते हैं क्या ऊपर बैठे अधिकारी इस तरह से बिल लगाने की परमिशन दे देते हैं

घंसौर विकासखंड के ग्राम पंचायत रजरवाड़ा पंचायत में फर्जी बिल लगाकर जनता के विकास करने के बजाए हजम कर रहे हैं। दरअसल बिल्डिंग मटेरियल की दुकान के बिल पर चाय, नाश्ता, टेंट, भोजन, पानी के नाम से राशि का भुगतान किया गया, जो नियम विरूद्ध है। ग्राम पंचायत रजरवाड़ा के सरपंच-सचिव के द्वारा उईके ट्रेडर्स रजरवाडा का फर्जी बिल लगाकर आहरण कर लिया गया है। जिसमें चाय नाश्ता का उल्लेख किया गया है,चूंकि उक्त दुकानदार संचालक यह कार्य नहीं करता है। सरपंच-सचिव द्वारा फर्जी भुगतान कर दिया गया। दुकानदार से जब संपर्क कर यह जानने की कोशिश की गई कि आपकी दुकान किस चीज की है तो दुकानदार द्वारा बड़ी सहजता से यह जवाब दिया गया कि में पता करके बताता हूं की किस चीज की दुकान नहीं है। ग्राम पंचायत में आज भी मूलभूत समस्या बनी हुई है। जिसके समाधान करने के बजाए सरकारी धन का खुला दुरुपयोग सरपंच के द्वारा किया जा रहा है। जिस पर कोई भी अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। ग्राम पंचायत के सरपंच के द्वारा पंचायती राज अधिनियम को किनारे करते हुए अपने नियम पंचायत में चला रहे हैं। पंचायत में व्यय करने के लिए जो राशि आती है वो राशि पंचायत पदाधिकारियों के लिए चारागाह साबित हो रही है। पंचायती राज अधिनियम के सारे नियम कानून को किनारे कर अपना कानून चला रहे कोई अंकुश लगाने वाले नहीं हैं। क्या खबर प्रकाशन के बाद अधिकारीगण संज्ञान लेंगे क्या इस तरह से और फर्जी बिलों पर संरक्षण दिया जाएगा


इनका कहना है


दुकानदार से फोन पर पूछा गया तो दुकानदार द्वारा बताया गया कि मैं बीमार था मुझे पता नहीं है मैं पूछ कर बताता हूं कि मेरी दुकान किस चीज की है।


उईके ट्रेडर्स रजरवाड़ा


लोकल से चाय नाश्ता खरीदने पर उनका बिल नही मिलता इस लिए दूसरों के बिल से राशि निकालना पड़ता है।


मनोज कुमार साहू

सचिव ग्राम पंचायत रजवाड़ा।

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