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मंडला जिले के अतिथि शिक्षकों ने भी सौंपा अंतिम ध्यानाकर्षण ज्ञापन



दैनिक रेवांचल टाइम्स - मंडला,

मंडला जिले के अतिथि शिक्षकों ने भी प्रांतीय आवाहन पर सरकार के नाम अंतिम ध्यानाकर्षण चेतावनी ज्ञापन कलेक्टर मंडला के हाथों सोमवार 13 फरवरी को सौंपा है।

   इस आशय की जानकारी देते हुए अतिथि शिक्षक परिवार जिला अध्यक्ष मंडला से पी.डी.खैरवार ने अवगत कराया है,कि मंडला जिले के अतिथि शिक्षकों ने सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट परिसर पर उपस्थित होकर सभा रैली के साथ अल्टीमेटम ज्ञापन सौंपा है। अतिथि शिक्षकों की एक ही मांग है,कि अतिथि शिक्षकों को उनके कार्यानुभव के आधार पर उनका रोजगार सुनिश्चित किया जाए।उनके स्थान को रिक्त नहीं माना जाए।नई नियुक्तियां,ट्रांसफर, पदोन्नति या अन्य किसी भी नियमों के चलते अतिथि शिक्षकों को काम से बाहर न किया जाये।काम से बाहर किये जा चुके अतिथि शिक्षकों को काम पर बुलाया जाए।इस बार ज्ञापन में सरकार का ध्यानाकर्षण के साथ अब सरकार को चेतावनी दी गई है,कि एक सप्ताह यानी 20 फरवरी तक नियमितीकरण की मांग पूरा किया जाये, वरना 21 फरवरी से भोपाल में सरकार के खिलाफ जंगी प्रदर्शन करने के लिए मध्य प्रदेश के लगभग 70000 अतिथि शिक्षक मजबूर हो जाएंगे। सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाया है,अब तक अत्यंत कम मानदेय देकर और जरूरत से ज्यादा काम लेकर लगातार 15 वर्षों से अतिथि शिक्षकों का शोषण पर शोषण किये  जाने का सिलसिला बंद नहीं किया जा रहा है। अतिथि शिक्षकों को रैगुलर शिक्षकों की व्यवस्था होते ही बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।बड़ी मुश्किल से वर्ग 3 को 5000/,वर्ग 2 को 6975/ और वर्ग 1 को 9000/ रुपए मासिक मानदेय के आधार पर वह भी कालखंड के हिसाब से दिया जाता है।जिससे एक छोटे से परिवार का भी गुजर बसर नहीं हो पाता है।साल में सिर्फ 9 महीने का ही काम दिया जाता है।2008 से 2018 तक तो इस राशी का आधा ही मानदेय दिया जाता रहा है।तीज त्यौहार जैसी सारी सरकारी छुट्टियों का पैसा काटकर भुगतान किया जाता है।हर सत्र में विज्ञापन जारी कर नये नये आवेदकों से कंपिटीशन कराया जाता है। नियमितीकरण की मांग करते करते आर्थिक तंगी के शिकार प्रदेश के  लगभग सैकड़ों अतिथि शिक्षकों ने आत्महत्या या गंभीर बीमारी का शिकार होकर प्राण भी गंवा चुके हैं।अतिथि शिक्षकों के संगठन ने अनगिनत बार धरना प्रदर्शन आंदोलन यात्रा और ज्ञापन देते तक चुके हैं। अब आक्रोशित होकर सरकार को खुली चेतावनी दी जा रही है, कि इस बार की मांग को सरकार अनसुनी करती है,ऐसी स्थिति में भोपाल की धरती से ही सरकार के विरोध में खुलकर वोट और सपोर्ट कराए जाने का संकल्प लेकर घर वापस होंगे। 21 फरवरी से चालू होने वाले प्रांत व्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन में शामिल होने की अपील मंडला सहित संपूर्ण मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक भाई बहनों से की गई है।

      13 फरवरी के रैली ज्ञापन कार्यक्रम में मुख्य रूप से पी.डी.खैरवार,राकेश चौधरी, रेनू तिवारी,दुर्गा श्रीवास, वैशाली सागर,प्रह्लाद झरिया, उदय सरिया ,संजय सिसोदिया,नरबद बघेल,जितेश पांडे,जय सिंह मरावी,ईश्वर सोनवानी, पुष्पा धार्वैया,अंजू श्रीवास, उपासना सिंह, मिट्ठन लाल मरावी, भागवती आर्मो,युवराज साहू, सफल दास बघेल, गणपत कराटे,हेमराज मसराम,हेमंत जंघेला, कुसुमलता,श्मामा धुर्वे,रेखा विश्वकर्मा,सरोज मसराम, संगीता धुर्वे, निर्मला दारिया,प्रह्लाद मरावी,ईश्वर मोंगरे, रंजीत मरावी,अर्चना सिंगौर,मुख्य रूप से शामिल रहे।

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