रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में निर्माण कार्य में मनमानी अमानक तरीके से हो रहा निर्माण और भुगतान पहुँचा जा रहा है अपने चहेते ठेकेदार को फ़ायदा और ठेकेदार पहुँचा रहा भेंट और नज़राना,
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भले ही एक्शन मोड में हैं। वही प्रदेश के अफसरों को सुशासन का पाठ पढ़ा रहे है। और कह रहे ही की निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए यह जनता का पैसा है ईमानदारी से खर्च होना चाहिए लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए दिशानिर्देश कुछ अफसरों के लिए असरदार नही लग रहे है। विशेषकर मंडला जिले के ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री दीपक आर्मो और जिला खनिज अधिकारी के द्वारा एस.डी.ओ और उपयंत्री और ठेकेदारों को खुला संरक्षण मिला हुआ है । गोपनीय जानकारी के अनुसार दीपक आर्मो कुछ कामों में ठेकेदारॉ के साथ पार्टनर शिप में पंचायतों में काम करने की विभाग के कर्मचारियों ने बताया है। ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के द्वारा हर साल पिंडरई के ठेकेदारों को करोड़ों का काम नियम विरूद्ध तरीके से दिया गया है फिर उसके बाद सप्लायर और उनके पार्टनर जो खुद ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री दीपक आर्मों है। वही रेवाड़ा में बनाने वाली सुदूर सड़क में भी भारी घोटाला किया है। वही जिला खनिज अधिकारी ने भी जॉच के नाम पर साठ गांठ मामले को दबा दिया गया हैं। और शिकायतकर्ता से साठ गांठ कर मामले को बंद कर दिया गया है।
विभाग प्रमुख के चहेते फार्म और ठेकेदारों को मिलता है, काम
पिंडरई ग्राम पंचायत में विभाग प्रमुख दीपक आर्मो द्वारा अपने गिने चुने सप्लायर हैं। जिनको ही काम आबंटन किया जाता है। जो की अधिकारी के नजदीक भी हैं। कबीर कंस्ट्रक्शन,आगम ट्रेडर्स, आबूदीन कांट्रेक्टर, यादव ट्रेडर्स ,मासूम ट्रेडर्स,वर्धमान ट्रेडर्स एंड सप्लायर्स, आशीर्वाद ट्रेडर्स, आदि को बुलाकर कमीशन तय करके काम दिया जाता है तथा उसके बाद सप्लायर के द्वारा फर्जी बिल लगाकर पैसे का आहरण किया जाता है। वही कुछ समय पहले झुलपुर पंचायत में रोड का निर्माण कार्य में जेसीबी मशीन का प्रयोग किया गया हैं। जिसकी जानकारी मनरेगा के अधिकारियों को है। कार्यवाही शून्य क्यों हैं। सवाल खड़ा करती है।
मानिया सुदूर सड़क में अधिकारी और ठेकेदारों ने जमकर किया अवैध उत्खनन
वही ग्राम मनियां में सुदूर सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
विधायक निधि के कामों की गुणवत्ता की पोल उसके निर्माण कार्य खुद खोल रहे हैं। और स्टाप डैम हैं तो पानी रुकता ही नही है। और सुदूर सड़क जिनका कोई माप दंड ही नही है कुछ तो कागजों में बन गई हैं। और भुगतान हो गया है।
वही इन सप्लायरों को पूरा संरक्षण दिया गया है । इन ठेकेदारों के द्वारा करोड़ों के काम किए गए है। जिसमे इनके द्वारा खुलेआम मुरूम का अवैध उत्खनन और रॉयल्टी चोरी की गई है। तथा नियम विरुद्ध तरीके से फर्जी टेस्ट रिपोर्ट भी शामिल है। वही बहुत से ठेकेदार आज जनप्रतिनिधि भी है कबीर कंस्ट्रक्शन के द्वारा संचालित की जा रही है। जिनके नाम पे इनके द्वारा ठेकेदारी की जाती है। इसमें से कुछ नेता भाजपा से भी जुड़े है जो अपने नाम को धौंस दिखाकर हमेशा से लोगो को डराने धमकाने का कार्य कर रहे है।मगर विधायक निधि के स्वीकृत निर्माण कार्य में इतनी अनियमितायो के बाद भी जिला प्रशासन मोन हैं। वही ग्रामीण और कर्मचारियों में चर्चा होती है। कुछ निर्माण कार्य कागज में हुऐ और जो किसी को नही पता है। मगर जल्दी ही इनकी पोल खुलने वाली है। वही जिला खनिज अधिकारी भी ठेकेदारों को अवैध उत्खनन करने का परमिट दिया गया है। जिसके कारण पूरे जिले में अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जब इस मामले में जिला खनिज अधिकारी से जानकारी लेनी चाही गई तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया है। जिससे साफ पता चलता है। की मामला किस स्तर तक दबाया गया होगा ।




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