BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
अब बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे,कटे होंठ फटे तालू के बच्चों को मिला उपहार, डीईआईसी जिला चिकित्सालय में जांच परीक्षण, 05 बच्चे हुए चयनित... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Sunday, February 26, 2023

अब बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे,कटे होंठ फटे तालू के बच्चों को मिला उपहार, डीईआईसी जिला चिकित्सालय में जांच परीक्षण, 05 बच्चे हुए चयनित...




रेवांचल टाईम्स - मंडला, अब कटे होंठ, फटे तालू के बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे। इन बच्चों के माता पिता के चेहरों में खुशी झलक रही है। इनकी खुशी को बरकरार रखने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र में दी जाती है। जिससे कि पीडि़त बच्चे निरोगी हो सके। इसी उद्देश्य से आरबीएसके अंतर्गत शनिवार को जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र जिला चिकित्सालय मंडला में कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों का नि:शुल्क जांच व उपचार शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीके मरकाम, जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक अर्जुन सिंह, डॉ. केके पटेल की उपस्थिति में किया गया। 

बता दे कि कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों के लिए आयोजित नि:शुल्क शिविर में आरबीएसके चिकित्सक द्वारा बच्चों को चिन्हित किया गया। जिसके बाद आयोजित शिविर में जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र जिला चिकित्सालय मंडला में कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों का जांच परीक्षण डॉ. केके पटेल ने शिविर में किया गया। आयोजित शिविर में 13 बच्चे जांच के लिए पहुंचे। जिसमें इन बच्चों का जांच परीक्षण के बाद 05 बच्चों को सर्जरी के लिए चयनित किया गया। इनका उपचार दुबे सर्जिकल एवं डेंटल हॉस्पिटल जबलपुर में नि:शुल्क किया जाएगा। चयनित बच्चों को जबलपुर से आए चिकित्सक ने जांच परीक्षण के बाद अपने साथ जबलपुर उपचार सर्जरी के लिए ले गए। इस दौरान बच्चों के परिजनों में खुशी देखी गई। परिजनों ने कहा कि आज आरबीएसके टीम द्वारा आयोजित नि:शुल्क शिविर ने बच्चों को उपहार दिया है। अब बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे।  

जागरूकता का अभाव:

सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह ने बताया कि कुछ नवजात शिशुओं में जन्मजात विकार हो जाते है। उनमें से अधिकांश विकार ठीक हो सकते है, यदि उनका समय पर उपचार और चिकित्सा सेवा का लाभ मिल जाए लेकिन ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता के आभाव के कारण बच्चो में आए विकार को पहचान नहीं पाते और आगे चलकर ऐसे बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से विकृत हो जाते है। इसके लिये सरकार द्वारा हर जिले में ब्लाक स्तर पर मोबाइल हेल्थ टीम आरबीएसके का गठन किया गया है जो बच्चों को चयनित कर इनका स्वास्थ्य परीक्षण करते है। इसके बाद डीईआईसी के माध्यम से इन बच्चो को संबन्धित विभाग से नि:शुल्क उपचार दिलाया जाता है।

ये बच्चे हुए चयनित:

डीईआईसी में आयोजित शिविर में 05 बच्चों को सर्जरी के लिए चयनित किया गया। जिन्हे चिन्हित कर डॉ.केके पटेल और उनके स्टाफ अपने साथ दुबे सर्जिकल एवं डेंटल हॉस्पिटल जबलपुर ले गए। चयनित बच्चों हरिश्वर धुर्वे पिता पुरूषोत्तम धुर्वे 06 माह, शशि यादव पिता मिलन यादव 02 माह, आनामिका मरावी पिता राजकुमार मरावी 10 माह, साविता उइके पिता रवि प्रसाद उइके 03 माह, निशान पावले पिता शिव सिंह पावले 11 वर्ष को सर्जरी के लिए जबलपुर रवाना हुए। यहां इनका नि:शुल्क उपचार किया जाएगा।

ये रहे उपस्थित :

शिविर में डीईआईसी से वीरेन्द्र पाटिल, काजल बैरागी, डॉ. विकास राय, डॉ. नीलिमा बाहने, डॉ. धनराज भांवरे, डॉ. प्रियंका बरकड़े, डॉ. त्रिवेणी मेसराम, डॉ. शशि कला केराम, डॉ. थल्लू राम झारिया, डॉ. रोशनी परस्ते, एएनएम में हेमलता विश्वकर्मा, दुबे सर्जिकल एवं डेंटल हॉस्पिटल जबलपुर से सुशील पटेल समेत बच्चों के परिजन मौजूद रहे। शिविर 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया।

No comments:

Post a Comment