रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में बह रहे नदी नाले अब सुरक्षित नही रहे उन्हें भूमाफियाओं के द्वारा पाट पाट कर बन्द कर उनके ऊपर किया जा रहा है पक्का निर्माण जिसके कारण आज बारिश के पानी को निकलने की जगह नही मिल पाने के कारण घरों में घुसता है।
वही जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कटरा के सरपंच उपसरपंच ओर सचिव की मिलीभगत से नेशलन हाईवे पर बनी वर्षों पुरानी पुलिया के अस्तित्व खतरे में आ गया है, होटल संचालक ने पुलिया का स्वरूप बदल बना दी बहुमंजिला होटल वही होटल संचालक द्वारा ग्राम पंचायत कटरा नेशनल हाईवे तीस मंडला जबलपुर पर पुलिया के पास स्थित नाले पर अतिक्रमण कर विधि विरुद्ध निर्माण कार्य करते हुए बना दी होटल जिसको लेकर पर्यावरणीय कार्यकर्ता ने कलेक्टर मंडला को लिखित शिकायत देकर निम्नलिखित बिन्दुओं में की गई अनियमितताएं में जांच करने का निवेदन किया है।
शिकायत में उक्त शिखर पैलेस होटल का निर्माण नाले के ऊपर दिया गया है। जिससे कि नाले का वास्तविक एवं प्राकृतिक प्रवाह पूर्णतः बंद हो गया है। शिखर पेलेसे होटल के संचालक द्वारा उक्त नाले की सीमा रेखा को अवेध रूप से परिवर्तित करते हुये प्राकृतिक एवं शासकीय संरचनाओं से छेड़छाड़ की गई है जो कि दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
वही शिखर पैलेस होटल के संचालक द्वारा नाले का प्रवाह रोक कर उस पर बहुमंजिला होटल का निर्माण किया गया है जिसके परिणाम स्वरूप शासकीय रूप से बनाया गया नाला पूर्णतः बंद हो गया है, एवं बारिश में आस पास जल प्रलावल जैसी स्थिति है निर्मित होती है जिससे कि आम जनता परेशान होती है।
साथ ही शिखर पैलेस होटल के भूमि खसरे की नक्शे की जाँच की करते हुए होटल मालिक के द्वारा किये गए अबैध निर्माण को तत्काल डिसमेन्टल किया जाये।
एव उक्त नाले का पुनः सीमांकन करते हुये नाले का पुनः उसके वास्तविक स्वरूप में लाया जाय ताकि पानी का वास्तविक प्रवाह सुचारू रूप से चालू हो एवं नाले को पहुंचायी गई क्षतिपूर्ति हेतु शिखर पैलेस के संचालक से भारी मुआवजा वसूल किया जाये।
वही शिकायत कर्ता ने माननीय कलेक्टर महोदय से निवेदन किया है कि तत्काल उक्त शिखर पैलेस होटल के विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्यवाही कर नाले का सीमांकन कर वास्तविक स्वरूप में लाया जाये एवं होटल द्वारा किये गए अतिक्रमण हटाया जाये।
वही राजस्व के नियम अनुसार किसी भी नदी नाले के दोनों तट राजस्व के अंतर्गत आते है उनके साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ करने दण्डनीय अपराध के क्षेणी में आता है और राजस्व नाले के दोनों तटों से लगभग 7 मीटर तक कोई भी अतिक्रमण नही कर सकता। पर आदिवासी जिला मंडला में नियम को धताबता बता कर और जिम्मेदार अधिकारियों से साठगांठ कर नदी नालों को नही बक्शा जा रहा वर्षों से अपने बह रहे नदी नालों का भूमाफियाओं के द्वारा अतिक्रमण कर उनका अस्तित्व मिटा रहे है इन्ही कारण से बारिश का पानी लोगो के घरों में घुस जा रहा है और जब जाकर प्रशासन होश में आता है और छोटी मोटी कार्यवाही कर जुर्माने लगा कर छोड़ देने के कारण आज नदी नालों का अस्तित्व खतरे में नजर आ राह है।
इनका कहना है कि...
होटल संचालक के द्वारा ग्राम पंचायत से निर्माण की अनुमति ली गई है और उन्होंने अपनी भूमि में होटल और दुकान बनाई है पर नाले को बंद करने की मुझे नही है दिखबा लेते।
सचिव
ग्राम पंचायत कटरा मंडला
होटल संचालक के द्वारा अपनी भूमि में बह रहा नाला में बड़े बड़े पाईप डालकर उसको लेबल कर अपना निर्माण कार्य कर लिया मेरे संज्ञान में है कि भवन निर्माण की अनुमति ग्राम पंचायत से भी ले ली गई है।
हरि शंकर मरावी
सरपँच ग्राम पंचायत कटरा
मेरे द्वारा मंडला कलेक्टर को एक लिखित शिकायत की गई है जिसमे मैंने राष्ट्रीय राजमार्ग तीस पर नाले पर बनी सरकारी पुलिया जिसमें नाले का प्राकृतिक प्रभाव होता है जिसमे शिखर पैलेस होटल के संचालक द्वारा सरकारी नाले को पुरकर नियम विरुद्ध नक्शे के विरुद्ध निर्माण कर लिया है जिससे कि नाले का प्राकृतिक बहाव पूर्णह रुक गया है। जो कि भविष्य में जन हानि कर सकता है इसलिए नाले का सीमांकन एव अबैध निर्माण को हटाए जाने अत्यंत आवश्यक है।
अरुण चढ़ार
पर्यावरणीय RTI कार्यकर्ता
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