भ्रष्टाचार की जड़ बनी नगर परिषद निवास भीषण गर्मी के बराबर भारी बारिश ठंड में भी बराबर मात्रा में हुआ डीजल खपत आख़िर जिम्मेदार क्यों है मौन... - revanchal times new

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Friday, January 20, 2023

भ्रष्टाचार की जड़ बनी नगर परिषद निवास भीषण गर्मी के बराबर भारी बारिश ठंड में भी बराबर मात्रा में हुआ डीजल खपत आख़िर जिम्मेदार क्यों है मौन...



रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मण्डला भ्रष्टाचार का चारागाह बन चुका है आये दिन बड़े बड़े घोटाले पर घोटाले निकल रहे और मीडिया की शुर्खिया में बनी हुई पर किसी जिम्मदारों के कानों में जू भी नही रेग रही है आखिर इसके पीछे की वजय जनचर्चा का विषय बना हुआ है।

         वही निवास नगर परिषद में पूर्व में किये गए नए नए कारनामे सामने आ रहे है और मीडिया की शुर्खिया में बनी हुई है आज एक और ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां पर डीजल घोटाले में एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मोहन मरूआ ने अपने कार्यनामो से आज नगर में जनचर्चा का विषय बना हुआ है जहाँ एक तरफ भीषण गर्मी ही या फिर भारी बारिश गाड़ी उतनी ही चल रही है और डीजल  खपत कर डाला जबकि बारिश के मौसम में न टेंकर की जरूरत होती है न ही ऐसी कोई भारी जरूरत होती है कि डीजल की खपत बढ जाए मगर अधिकारी के खास माने जाने वाले ये कर्मचारी जो भी करे सब सही है रेवांचल टाइम्स की टीम जब निवास पहुची तो जन चर्चा बनी हुई थी कि मोहन मरूआ के पहले जिसके बाद डीजल का प्रभार था वह इतना डीजल गर्मी में भी खर्च नही किया जबकि गर्मी में पानी की त्राहि त्राहि मची रहती है और सुबह से लेकर शाम तक टेंकर चलते रहते है उस समय डीजल की खपत और बारिश के समय के बिल को निकाल कर देखा जाए तो सब कहानी खुद वा खुद सामने आ जायेगी।

आज इस दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के हौसले इस लिए बढ़ते जा रहे है कि इस पर अधिकार का खुला सपोर्ट है वह फर्जी बिलो की फाइल चला कर अधिकारी की जेब भर रहा है इसलिए अधिकारी इस पर मेहरवान है ।

क्यो बदला गया डीजल का प्रभार नगर के लोगो से जब रेवांचल की टीम ने बात की तो उनने बताया कि इंजीनीयर रोजिया डोगरे के  साथ मिलकर इनने  जल प्रदाय ,स्वच्छता, लोकनिर्माण विभाग ,डीजल सभी की फाइल चलाई है और जमकर हेराफेरी की है कही आने जाने के लिए डीजल का जुगाड़ नही बन पा रहा था तो सेटिंग करके इस कर्मचारी और इजीनियर ने मई से, दिसबर तक डीजल का प्रभार ले लिया और परिषद के गठन होने के बाद ही चार्ज छोंड देने के लिए जुगाड़ बना लिया ।अगर जनवरी से मई तक की डीजल खपत देखी जाए और उसके बाद भीषण बारिश की खपत देखी जाए तो दोनो की साठ गांठ सामने आ जायेगी । 

रहता था फुल टैंक परिषद के इस कर्मचारी के पास जब तक डीजल का प्रभार रहा पूरे माह इनकी कार और मोटर सायकिल का फ्यूल फूल देखा गया इनकी गाड़ी का टैंक इस बीच मे कभी खाली ही नही रहा साथ ही इनके साथ साथ  एक और कर्मचारी जिसके पास भी कार है उनने भी बहती गंगा में अनेको बार हाथ धुले ।

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