पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण से छोटे-छोटे होटलों और ढाबों में जमकर बेची जा रही अवैध शराब - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

🙏जय माता दी🙏 शुभारंभ शुभारंभ माँ नर्मदा की कृपा और बुजुर्गों के आशीर्वाद से माँ रेवा पब्लिकेशन एन्ड प्रिंटर्स का हुआ शुभारंभ समाचार पत्रों की प्रिंटिग हेतु संपर्क करें मोबाईल न- 0761- 4112552/07415685293, 09340553112,/ 9425852299/08770497044 पता:- 68/1 लक्ष्मीपुर विवेकानंद वार्ड मुस्कान प्लाजा के पीछे एम आर 4 रोड़ उखरी जबलपुर (म.प्र.)

Monday, January 2, 2023

पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण से छोटे-छोटे होटलों और ढाबों में जमकर बेची जा रही अवैध शराब





अमरकंटक रोड स्थित सरमन ढाबे में अवैध शराब जमकर बैठाकर पिलाई एवं बेची जा रही है10 माह बाद भी जिले की किसी भी दुकान में रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है और आपकारी विभाग तमाशबीन बनकर बैठा हुआ है आज भी बिना रेट लिस्ट की दुकानें संचालित हो रही है कुल मिलाकर नियम और कायदों को ठेकेदार के द्वारा अपने जेब में रखकर दुकान संचालित किया जा रहा है

बिना बिल शराब की बिक्री विभाग आज तक ठेकेदार पर नहीं कर पाया कार्यवाही

दैनिक रेवांचल टाइम्स डिंडोरी |जिला मुख्यालय सहित जिले भर में लगभग 10 महीनों के विपरीत शराब दुकानों का संचालन हो रहा है यही नहीं पहले ग्राहकों से खुली लूट की जा रही थी और बिल मांगने पर धमकियां भी देते थे जिसको लेकर आबकारी विभाग को कई बार इसकी जानकारी भी दी गई है लेकिन आबकारी विभाग दिखाता हूं करके मामला टाल देते रहे बाकी प्रक्रिया में कोई सुधार नहीं किया गया आज भी जगह-जगह ठेकेदार के गुर्गे जगह-जगह अवैध शराब जमकर सप्लाई की जा रही है जिले के अंतर्गत इन दिनों अवैध शराब का कारोबार ज्यादा ही फल फूल रहा है जहां क्षेत्र के छोटे-छोटे होटलों से लेकर ढाबों में जमकर शराब बेची जा रही है जहां इन दिनों हम बात कर रहे हैं अमरकंटक रोड स्थित सरमन ढाबे में जमकर अवैध शराब बेची जा रही है और साथ ही साथ बैठ कर पीने की व्यवस्था दी जाती है ऐसे तो क्षेत्र में संचालित अन्य कई होटल में शराब की बिक्री और जमकर की जाती है वह देर रात तक दुकानों में अवैध शराब उपलब्ध कराई जा रही है साथ ही साथ घरों होटलों व पार्टियों में भी शराब का अच्छा खासा गोरख धंधा फल-फूल रहा है और कई जगह पर अंग्रेजी व देशी शराब अवैध रूप से ठीहे बनाकर बेचे व बेचवाया जा रहा है यहां तक की खुलेआम नगर व क्षेत्र में संचालित छोटे एवं बड़े भोजनालयो पर अंग्रेजी देसी शराब भोजन खिलाने के बहाने जमकर बेची जा रही है नशे में लोग अपराधों को अंजाम दे रहे हैं जिससे तेजी से अपराध जिले में बढ़ रहा है नशा ही अपराध का मुख्य कारण बन गया है वैसे तो कागजों पर आबकारी स्थानीय पुलिस एवं एनजीओ संस्था द्वारा समय-समय पर लोगों को जागरूक करने  के लिए नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है लेकिन जमीनी हकीकत पर युवाओं को नशा करने की लत सी ही होती जा रही है और युवा वर्ग नशे में धुत होकर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं



बौना साबित हो रहा आबकारी विभाग

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग व पुलिस विभाग के संरक्षण पर इन दिनों अवैध शराब का कारोबार नगर व क्षेत्र एवं ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब की बिक्री होटलों किराना दुकानों में छोटे-मोटे दुकानों सहित कई जगह में संचालित हैं कहीं ना कहीं आबकारी विभाग एवं स्थानीय पुलिसकर्मियों की सह पर ही अवैध शराब बिक्री का कारोबार चल रहा है लोगों द्वारा कई पेटी देसी व अंग्रेजी शराब एकत्रित कर बेचा एवं घर में बैठा कर पिलाया जाता है ऐसा नहीं है कि इन सब की भनक आबकारी विभाग व पुलिस को नहीं है लेकिन जब जिले के उच्च अधिकारी का फरमान आता है तो खानापूर्ति करने के लिए छोटी मोटी कार्यवाही कर अधिकारियों के आदेश के कोरम को पूरा कर लिया जाता है


नहीं चस्पा की गई रेट लिस्ट

जिले के समस्त शराब दुकानों में शराब की दर सूची नहीं लगाई गई जिससे कि शराब दुकान में आने वाले ग्राहकों को निर्धारित दर पर से अधिक मात्रा में शराब की बोतल बेची जा रही है जिसका ग्राहक द्वारा विरोध करने पर दुकान में बैठे लोगों द्वारा शराब देने से मना किया जाता है वहां उन्हें उसी दर पर लेने की बात कही जाती है जिससे कई बार ग्राहक व ठेकेदार के कर्मचारियों के तू तू मैं मैं का मामला बन जाता है लेकिन इन सब की जानकारी आबकारी विभाग व थाने को होने के बावजूद भी आज दिनांक तक किसी प्रकार की जांच व कार्यवाही ठेकेदार व दुकानदार के विरुद्ध नहीं करने से इनके हौसले बढ़ते जा रहे हैं एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री माफिया को 10 फीट गड्ढे में गाड़ने की बात कहते हैं वही सीएम के द्वारा डिंडोरी नगर समेत मां नर्मदा नदी तट से 5 किलोमीटर के दायरे पर शराब विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है वही डिंडोरी समेत नर्मदा तटीय क्षेत्रों में जमकर अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है पुलिस और आबकारी विभाग के बगैर मिलीभगत के नगर में अवैध कारोबार करना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है इस बात में सच्चाई है या नहीं यह तो शराब कारोबारी और पुलिस ही बेहतर तरीके से जानते हैं


No comments:

Post a Comment