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पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री को प्रशासन ने बलपूर्वक खाली करवाया सरकारी बंगला



पूर्व में पदस्थ पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री ने सरकारी बंगला पर कर रखा था बेजा कब्जा पुलिस और राजस्व की संयुक्त कार्यवाही

दैनिक रेवांचल टाइम्स - डिंडोरी  डिंडोरी जिला मुख्यालय में अनधिकृत तरीके से सरकारी बंगला पर पूर्व मे पदस्थ पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यपालन यंत्री द्वारा सरकारी बंगला पर अवैध तरीके से कब्जा कर रखा था जिनका ट्रांसफर जानकारी के मुताबिक जबलपुर हो गया था जहां कार्यपालन यंत्री एम एस धुर्वे द्वारा सरकारी बंगला खाली नहीं किया जा रहा था जिसके चलते शनिवार के दिन बलपूर्वक द्वारा कड़ी कार्यवाही करते हुए बलपूर्वक बेदखली कार्यवाही को अंजाम दिया इस दौरान एसडीएम बलबीर रमण एसडीओपी आकांक्षा उपाध्याय तहसीलदार बिशन सिंह ठाकुर कोतवाली प्रभारी सीके सिरामे और पुलिस बल के साथ राजस्व बल भी एवं नगर परिषद के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग का भी अमला साथ में मौजूद रहा इसके पूर्व अनेकों बार आवास रिक्त करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे लेकिन कार्यपालन यंत्री एमएस धुर्वे कानों में जूं तक नहीं रेंग रही थी गौरतलब है कि तबादला की डेढ़ वर्ष बाद भी पूर्व कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी एम एस धुर्वे शासकीय बंगला खाली नहीं कर रहे थे जिसके चलते प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए बलपूर्वक बेदखली की कार्यवाही की जानकारी के मुताबिक एसडीएम ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे को भी आवास खाली करने का नोटिस दिया है पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा आवास रिक्त नहीं किए जाने की दशा में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते को भी सरकारी बंगला आवंटित नहीं हो सका है हालात यहां है कि उन्होंने विगत 3 माह से जिला पंचायत कार्यालय परिसर में टेंट लगाकर जिला पंचायत परिसर को ही अपना आवास बना लिया है इस मामले को लेकर भी लंबे समय से प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं विदित होगे कि एसडीएम बलबीर रमण द्वारा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे को सिविल लाइन स्थित ई टाइप के शासकीय आवास को खाली करने के लिए पत्र जारी किया गया है एसडीएम न्यायालय से जारी पत्र के माध्यम से सूचित किया गया कि उक्त शासकीय आवास वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते को आवंटित कर दिया गया है लिहाजा सात दिवस में सरकारी बंगला को खाली करने के साथ अनाधिकृत मूलभूत नियम 45a के अनुसार ₹6000 प्रति माह और अनधिकृत अधिपत्य रखने पर 15000 रुपए मासिक किराया कोषालय में जमा कर कार्यालय को सूचित कर आया जावे तथा इसी तरह अन्य शासकीय आवास पर कब्जा धारियों को बलपूर्वक कार्यवाही कर हटाया जाएगा

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