आर.ई.एस ई दीपक आर्मों ने अपने चहेते पिंडरई के ठेकेदारो को सरकारी धन की जमकर बाटी रेवड़ी अगले अंक में होगा ठेकेदारों के नामों का खुलासा... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

🙏जय माता दी🙏 शुभारंभ शुभारंभ माँ नर्मदा की कृपा और बुजुर्गों के आशीर्वाद से माँ रेवा पब्लिकेशन एन्ड प्रिंटर्स का हुआ शुभारंभ समाचार पत्रों की प्रिंटिग हेतु संपर्क करें मोबाईल न- 0761- 4112552/07415685293, 09340553112,/ 9425852299/08770497044 पता:- 68/1 लक्ष्मीपुर विवेकानंद वार्ड मुस्कान प्लाजा के पीछे एम आर 4 रोड़ उखरी जबलपुर (म.प्र.)

Saturday, January 14, 2023

आर.ई.एस ई दीपक आर्मों ने अपने चहेते पिंडरई के ठेकेदारो को सरकारी धन की जमकर बाटी रेवड़ी अगले अंक में होगा ठेकेदारों के नामों का खुलासा...

 


रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में संचालित आर.ई.एस. विभाग से मिलीभगत से मनरेगा योजना में बिना मुरम डाले निकले करोड़ों के भुगतान 


विभाग के घोटाले की लिस्ट लंबी मगर शिकायत होने के बाद जांच को दबाया जा रहा है। 

नैनपुर की ग्राम पंचायत पिण्डरई जो गिनी जाती हैं इस पंचायत में अगर काफी है कि यह पूरा खेल मिलीभगत से किया जाता है। इस और उपयंत्री जितने दोषी है उससे कही अधिक निर्माण स्वीकृत करने वाले मनरेगा के आर.ई.एस ई दीपक आर्मों और एसडीओ भी ने जमकर माल कमाया है। कुछ दिन पहले जिसकी शिकायत कलेक्टर को आर.ई.एस विभाग कि शिकायत हुई मगर उस शिकायत को दबाने के लिऐ शिकायतकर्ता को ठेकेदार बड़े बड़े प्रलोभन दे रहे है। क्योंकि मामला करोड़ों रूपये के फर्जी निर्माण कार्य और मुरम का भुगतान का मामला हैं। जिसकी पोल खुली तो पिंडरई के नामचीन और बड़े बड़े ठेकेदारों को जेल जाने से कोई नही रोक पायेगा, क्योंकि ठेकेदारों ने जो माल कमाया है। शासन की पेसो की जमकर होली खेली हैं। आर.ई.एस ई दीपक आर्मों  के साथ मिलकर मोटा माल कमाया है। 


पिंडरई के ठेकेदारों ने किया मुरम का सबसे बड़ा घोटाला 

कुछ दिन पहले जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ नैनपुर को शिकायत की गई। जिसमे पंचायत पिण्डरई में मनरेगा योजना नंबर 1735006037/ एलडी 22012034314087 एवं तकनीकी स्वीकृति क्रमांक 03/37 दिनांक 20/01/2017 स्वीकृत राशी 3.53 लाख रुपये है। जो कि ग्राम पंचायत पिण्डरई के खसरा क्रमांक 132 रकबा 0.280 हैं मद शासकीय रास्ता मध्यप्रदेश दर्ज है जिस पर ग्राम पंचायत पिण्डरई के द्वारा कार्य किया गया है जिसका अंतिम भुगतान है। जिसका कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र क्रमांक 132 रकबा 0.280 मद वर्तमान में निर्माण कार्य का नाम बदलकर नया कार्य का नाम पिण्डरई लैंड लेबलिंग फार न्यू बस स्टेड पार्ट-2 वर्क कोड नंबर 1735006037/एलडी/220120345 कि तत्काल तकनीकी स्वीकृति निरस्त कर दोषी अधिकारी पर कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है। वही जनपद पंचायत नैनपुर की ग्राम पंचायतों में त्रि- स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का सफल संचालन नहीं हो पा रहा है। जनपद पंचायत के शाखा प्रभारी कागजी आंकड़ों में उलझ कर रह गये हैं। शिकायतों की जांच कम नस्ती करने का खेल चल रहा है। उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में ही ग्राम पंचायत स्तर पर जबरदस्त 83497 तकनीकि स्वीकृति क्रमांक- धांधली और मनमानी चल रही है। किसकी वजह से विकास कार्य विभागीय अधिकारी शुद्ध कमीशन लिये प्रशासन कटिबद्ध क्यों नहीं होता ? अनेक निर्माण कार्यों में तो जनप्रतिनिधि जो दलों में भी सरगना किस्म के होते हैं। वे इस तरह के निर्माण कार्य के माफिया बन जाते हैं 


नियम विरुद्ध तरीके से काम और पैसा का आहरण किया गया 

पिंडरई पंचायत और उसके ठेकेदारों ने अधिक से अधिक काम हथियाकर खूब कमाई करते 735006/2022 2023/169482 कि जिले की जागरूक पंचायतों में शिकायत पर उल्लेख है कि ग्राम दिनांक 3/9/2018 को किया गया दिनांक 28/10/2022 स्वीकृत राशी प्रभावित हो रहे हैं। तकनीकी व 9,95,000 रुपये है जबकि ग्राम 1 सरकारी धन की होली खेली जाए में नियम विरुद्ध तकनीकी स्वीकृति सी.सी अगस्त 2018 में जारी की गई पंचायत पिण्डरई द्वारा पूर्व में उसी के तंत्र में बंधे रहते हैं। जिससे कुछ और जिम्मेदार पंचायती अमला की गई है। ग्राम पंचायत पिण्डरई के है परंतु ग्राम पंचायत पिण्डरई के स्थान उसी खसरा नंबर में उसी मद ही वर्षों के अंदर पुलिया और खामोश रहे तो इसे क्या समझा अंर्तगत वर्ष 2017-2018 में मैदान द्वारा मनरेगा नियमों की खुली से कार्य किया गया है। ग्राम सड़कें या अन्य छोटे भवन जाएगा? मामला काफी गंभीर है समतलीकरण कार्य पी.एस कन्या धाज्जियां उड़ाते हुए भारी भरकम पंचायत पिण्डरई द्वारा उसी स्थान धराशायी होने लगते हैं। आखिर और इस गंभीर मामले में जिम्मेदारों शाला के पास जिसका वर्क कोड भ्रष्टाचार करने के लिए उसी स्थल पर पुनः मात्र 4 वर्ष के अंतराल में कार्यों की गुणवत्ता को सुधारने के राशि 9 लाख 95 हजार रुपये का कार्य स्वीकृत किया गया है। जो कि मनरेगा नियम के विरुद्ध है। यह कि एक ही योजना मद में एक ही स्थान खसरा नंबर पर नियम विरुद्ध तरीके से नाम बदलकर तकनीकी स्वीकृति जारी की गई है एवं मनमानी राशि स्वीकृत की गई है हैं।की खामोशी यह बताने के लिए आधुनिक भ्रष्टाचार किया गया है। मगर जल्द ही लूटने की योजना के आधार पर कार्य किया जा रहा है।







No comments:

Post a Comment