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Thursday, January 5, 2023

भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का बादशाह, सरकार के रहते आदिवासियों जिलों में खुलेआम करता भ्रष्टाचार झाबुआ, मंडला, अब डिंडोरी में घोटाले पर घोटाला...





रेवांचल टाईम्स - आदिवासी जिलो में भ्रष्टाचार करने वाला शनशाह जिसका आज कोई भी जाँच हिला नही पाई क्योंकि इसके पीछे जो शक्ति है वह भाजपा सरकार जानकारी के अनुसार संतोष शुक्ला वह नाम है जो आदिवासी जिलों में भ्रष्टाचार के नाम से जुड़ा हुआ है जहाँ जहाँ ये रहे है वहा वहां आज भी भ्रष्टाचार के किस्से सुनाए जाते है शिक्षा विभाग ऐसी कोई योजनाएं नही है जिनमे ये अपनी भ्रष्टाचार की छाप न छोड़ी हो हजारों नही लाखों नही इनके घोटाले करोड़ों में होते है नीचे से ऊपर तक सब को पता है पर कही न कही ये आज तक इनके पीछे शक्ति इन्हें बचाते आ रही है और गरीब बच्चों के मुँह की रोटी में कैसे लात मरते है कोईं इनसे सीखे इन्हें तो भ्रष्टाचार करने का सबसे बड़ा अवार्ड मिलना चाहिये, क्योंकि इन पर आए दिन करोडो का घोटाला, करने के आरोप लगते रहते है, आखिर कौन दे रहा इन्हें भ्रष्टाचार करने पर संरक्षक


आदिवासी बाहुल्य जिले डिंडौरी में कभी होस्टल, स्कूलों, में मरम्मत कार्य के नाम से घोटाला, तो कभी हॉस्टलों में समाग्री पूर्ति के नाम से घोटाला,तो कभी LED के नाम से तो कभी छात्रवृत्ति तो कभी भर्ती, याने कहा जाए तो इस विभाग नाम बदल कर आदिवासी विकाश विभाग की जगह आदिवासी घोटाला विकाश कर दिया जाए तो भी कम है, यानि जैसा काम वैसा नाम, आदिवासियों का विकास तो कुछ हुआ नही लेकिन इनके विकास के नाम पर लाखों करोडो का घोटाला हो चुका है, ये हम नही बल्कि पूरा जिला कह रहा है, ओर इस विभाग के मामले भी लगातार जनचर्चा में है, 

              वही सहायक आयुक्त सन्तोष शुक्ला के पहले अमर सिंह उइके थे, जिन पर छात्रवृत्ति घोटाला, कम्प्यूटर भर्ती घोटाले के आरोप लगे थे, और इन मामलों में जांच चली भी लेकिन कुछ हुआ नही, साहब भोपाल अटैच हुए और इसके बाद इस घोटाले बाज को पुनः सिवनी में सहायक आयुक्त बना कर भेज दिया गया, ऐसा ही सन्तोष शुक्ला जो पहले मण्डला में सहायक आयुक्त रहते हुए लाखों करोडो का घोटाला करने का आरोप लगे, और रातों रात भागें बड़ी मुश्किल से खानापूर्ति और लोगो को गुमराह करने जांच की कार्यवाही की भी गई तो भोपाल अटैच हुए और कुछ समय बाद सिस्टम जमा कर फिर आदिवासी जिला डिंडौरी में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त बन गए, ओर फिर हुआ डिंडौरी में भ्रष्टाचार का नया खेल हॉस्टलों, स्कूलों में मरम्मत कार्य के नाम से बड़ा घोटाला, जिसके ठेकेदार इन्ही के करीबी चहेते लोग थे, अब कहना चाहिए, कि जब सैया भये कोतवाल तो डर काहे का, इन्ही के चहेते ठेकेदारों ने करोडो के मरम्मत कार्य किये वो भी लीप पोत के आधे अधूरे, ओर इनका भुगतान भी बिना बिलो की राशि काटे ही आधे अधूरे मरम्मत कार्यो का कर दिया गया, तो साहब की मेहरबानी है। वही जनचर्चा है कि साहब के पीछे मण्डला के एक बड़े नेता ओर संघ क़ा आशीर्वाद है, इतना ही नही इन्ही के इशारे में हॉस्टलों में समाग्री सप्लाई भी हुई और, हायर सेकंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लाश के लिए बड़ी बड़ी LED T, V, इन्ही के आशीर्वाद से इन्ही के चहेते कर्मचारियों ने कर दी, इतना ही नही यहां तो कम्प्यूटर आपरेटर सहायक ग्रेट2 का बाबू बन कर लाखो की सप्लाई कर दिया, कुल मिला कर कहा जाए तो अमर सिंह उइके के समय डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम ट्राइबल मंत्री रहे और सन्तोष शुक्ला के समय जिले के पड़ोसी जिला उमरिया जिले के ट्राइबल मंत्री सुश्री मीना सिंह है, अब हैरानी की बात तो ये है मीना सिंह जी इसी जिले के बोन्दर स्कूल में पड़े लिखी है, ओर पड़ोसी जिले से मंत्री है और उसी पड़ोसी जिले डिंडौरी में उन्ही के विभाग में आदिवासियों के नाम पर  करोडो का घोटाला हो रहा है, तो सवाल उठना भी लाजमी है, तो क्या इस जिले में इस विभाग में घोटालेबाजो को चुन कर भेजा जा रहा है, भोलेभाले आदिवासियों के बच्चों के साथ छलावा के लिए जब इनके ऊपर मण्डला जिले में करोडो का घोटाला करने के आरोप पहले ही से लगे हुए है और घोटाले बाज अधिकारी को पुनः आदिवासी जिले डिंडोरी में फिर अधिकारी बना कर भेजा जाना समझ से परे है, आखिर इस विभाग के भ्रस्टो का मशीहा कौन है? कौन कर रहा इन भृष्टो का संरक्षक?

             वही दूसरी तरफ सरकार के मुखिया मंच से चीख चीख के कह रहे हैं कि आदिवासियों के साथ छलावा करने वालो को बख्शा नही जायेगा और भ्रष्टाचारियो को छोड़ा नही जाएगा पर झबुआ, मण्डला, डिंडौरी के बाद क्या सिवनी में भी होगा बड़ा घोटाला, ओर इन्ही घोटालेबाजो के कारण सरकार पर भी आरोप लग रहे है, ओर मंत्री, सरकार, पर दाग लग रही है। इसी वर्ष विधानसभा के चुनाव भी होना तो क्या इन घोटाले बाज पर कार्यवाही होगी? क्या इनके चहेते ठेकेदार जो मरम्मत कार्य के नाम से, सप्लाई के नाम से, भर्ती के नाम से, छात्रवर्ति के नाम से इनके खिलफ कब कार्यवाही होगी,

सच है लेकिन घोटाले बाजो ओर इनके चहेते लोगो के लिए एक कडुआ सच है।

                                       शेष अगले अंक में

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