रेवांचल टाईम्स - मध्य प्रदेश की हर सरकार की उपेक्षा का शिकार लैब टेक्नीशियन अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर पिछले 8 दिन से हड़ताल पर हैं, जिनके द्वारा काम बंद कर अपनी मांगें मनवाने का भरसक प्रयास शासन से किया जा रहा है. लैब टेक्नीशियन ने कोरोना काल में अपनी जान दांव पर लगाकर मरीजों को चौबीसों घंटे त्वरित सेवाएं प्रदान की है और भविष्य में भी उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करते रहेंगे, ऐसे अत्यावश्यक एवं आपातकालीन पद की उपेक्षा लगातार शासन द्वारा की जा रही है. इसी कड़ी में आज माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी को कर्मचारियों ने अपने खून से पत्र लिखकर भेजे हैं अब देखना है कि शासन पर इसका क्या असर पड़ता है. उधर मरीजों की जांच अत्यधिक संख्या में प्रभावित हो रही है यह सभी तथ्य शासन प्रशासन द्वारा जानबूझकर छुपाए जा रहे हैं. अस्पताल प्रशासन द्वारा चिकित्सकों को मरीजों की कम से कम जांच करने की सलाह दी गई है ऐसी स्थिति में 70 से 80% मरीजों की जांच ही नहीं हो पा रही है. पूरे सेवाकाल में शासन की उपेक्षा के चलते लैब टेक्नीशियन संगठन द्वारा पहली बार हड़ताल करने को शासन द्वारा ही मजबूर किया गया है उसके बावजूद भी शासन बातचीत के माध्यम से समस्या का निराकरण करवा पाने की स्थिति में नहीं है जो अत्यंत ही विचारणीय है शासन से पुनः अनुरोध है कि हमारी जायज मांगों का उचित एवं त्वरित निराकरण करें जिससे मरीजों को सही समय पर उचित इलाज एवं जांच की सुविधा प्राप्त हो सके मांगों को पूरा नहीं किए जाने की स्थिति में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा धरना प्रदर्शन में संघ के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।
आठ दिन से लगातार धरना में लैब टेक्नीशियन अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर
bydigital bharat
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