रेवांचल टाईम्स - 12दिसम्बर सोमवार को समस्त जैन समाज के अनुयायी ने अपने परिवार सहित उपस्थित होकर जैन मंदिर छोटीबाजार में एकत्रित होकर एक विशाल जुलूस कतार बध्य हो एस डी एम कार्यालय तक जाकर तहसीलदार कुणाल राउत को महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा।
जैन अन्यायियों का सबसे शास्वत तीर्थ क्षेत्र जो अनन्त काल से जैन समाज का अस्मिता का प्रेरक है तीर्थराज सम्मेदशिखर जी जो मधुवन एवम पार्श्वनाथ क्षेत्र के नाम से पहचाना जाता है इस मधुवन से जैनो के 24 तीर्थंकर में से 20 तीर्थंकरों ने निर्वाण प्राप्त किया एवम अनन्त काल से अनगिनत साधु संतों ने मोक्ष प्राप्त किया आज भी वँहा 30 टोंक पद चिन्ह विराजमान है पहाड़ी के नीचे अनेक मन्दिर धर्मशाला आश्रम आदि स्थित है प्रतिदिन हजारों जैन अनुयायी तीर्थ क्षेत्र की वंदना करने देश विदेश से आते है यह जैन धर्माम्बलीयो का सबसे प्रमुख तीर्थ क्षेत्र है बहुत पवित्र पवन और शाश्वत है। यह छेत्र अब झारखंड प्रान्त में गिरीडीह जिले में स्थित है झारखंड सरकार एवम केंद्र की सरकार ने इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित कर दिया है पर्यटन स्थल पर सभी प्रकार के अनैतिक गतिविधियों का प्रभुत्व हो जाएगा पवित्रता अहिंसा भाव धार्मिकता सभी प्रभावित होगी जैन समाज ने सम्पूर्ण देश में शासन के निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है सिर्फ देश में ही नही बल्कि विदेशों में जंहा भी जैन समुदाय है उन्होंने वँहा विरोध प्रदर्शन कर भारतीय दूतावास मेंभारत के महामहि मराष्ट्रपति महोदया के नाम विरोध स्वरूप ज्ञापन दे कर निर्णय वापिस लेने का अनुरोध किया है।आज विरोध प्रदर्शन में जैन समाज के सभी महिलाओं पुरुषों नवजवानों बच्चों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष राजेश वात्सलय सकल तारण तरण समाज के अध्यक्ष विनोद जैन, नगरपालिका की अध्यक्ष पूर्णिमा जैन पंचकल्याणक समिति के अध्यक्ष नीरज जैन सहित सम्पूर्ण जैन समाज उपस्थित रहा ।


No comments:
Post a Comment