BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
दो साल से गणवेश के लिये तरस रहे हैं सरकारी स्कूल के बच्चे... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Wednesday, December 28, 2022

दो साल से गणवेश के लिये तरस रहे हैं सरकारी स्कूल के बच्चे...






रेवांचल टाईम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य विकास खंड मबई में सर्व शिक्षा अभियान के तहत जो कि जिला शिक्षा केंद्र के अधिकारी कर्मचारियों ने किया गड़बड़ झाला। जहाँ एक ओर सब पढ़ें सब बड़े, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं के अभियान के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार शिक्षा को लेकर संवेदनशील हैं और कई प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि स्कूली बच्चे अच्छी पढाई करें उनकी पढ़ाई लिखाई के लिये व स्कूल जाने में कहीं बाधा न पहुंचे जिसका पूरा ख्याल सरकार कर रही है स्कूली छात्रों को मुफ्त में सायकिल, किताबें व शाला गणवेश वितरण  किये जाने का कार्य कर रही हैं व सरकार के द्वारा अच्छी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिये भरपूर प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही सरकार कई योजनाओं के जरिये राशि आवंटित करती हैं ताकि स्कूली बच्चों को किसी भी प्रकार की स्कूल जाने में असुविधा न हो जिसकी पूरी व्यवस्था सरकार करती है। जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा पाने से अछूता न रह जाये लेकिन जिला शिक्षा केंद्र मंडला के जिला परियोजना समन्वयक को सुचारू रूप से बच्चों तक सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के लिये नियुक्त किया गया है। और इनकी जिम्मेदारी होती है कि योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से हो सके पर ऐसा मबई विकास खंड में देखने को नहीं मिल पा रहा है। विकासखंड मवई में वर्ष 2020-21 और वर्ष 2021-22 में छात्र छात्राओं को आज तक शालाओ में गणवेश का वितरण नहीं किया गया है, जिसके कारण से मवई विकासखंड के सभी स्कूली बच्चे दो वर्षो से गणवेश विहीन स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यह सर्व शिक्षा अभियान का कारनामा। अनवर खान पत्रकार के द्वारा जब सूचना के अधिकार के अंतर्गत जानकारी चाही गई तो उन्हें भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराई गई वहीं आजीविका समूह द्वारा यह अवगत कराया कि हमें कोई ऐसा आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। वहीं विकासखंड समन्वयक के द्वारा यह कहा गया है कि वर्ष 2020-21 एवं 21-22 में समस्त प्राथमिक एवं माध्यमिक  शालाओं में छात्र-छात्राओं को गणवेश का वितरण आजीविका समूह द्वारा किया गया है। वहीं' बच्चों के पालकों से जानकारी ली गई तो उनका कहना है कि हमारे बच्चों को दो साल से किसी भी प्रकार की गणवेश प्राप्त नहीं हुई है।


       वही अब सवाल यह उठता है कि जब बच्चों को आज तक गणवेश प्राप्त ही नही हुई है, तो शासन से प्राप्त राशि आखिर आई या नही ये कौन जनता है और कौन ऐसे बता पायेगा वही जब इस सम्बंध में बात हुई तो बी. आर. सी. अपना पल्ला झाड़ते हुए यह कह रहे हैं कि आजीविका समूह द्वारा बाटा गया है और वहीं आजीविका समूह के ब्लाक कोआर्डीनेटर नेटर ने लिखित पत्र में बताया है कि हमें ऐसा कोई भी आदेश गणवेश वितरण के लिये नहीं मिला है और न ही हमने वितरण किया है। सब यह उठता है कि विगत दो सालों के प्राथमिक और माध्यमिक शाला के बच्चों को गणवेश नही मिली तो आख़िर राशि कहाँ गई सोचनीय विषय है 'व जिले में बैठे आला अधिकारी और जन-प्रतिनिधिगण को दिखाई नहीं दे रहा है। यही है शासन की योजनाओं की हकीकत कागज़ो में कुछ और जमी हकीकत कुछ और ये देखने की जिम्मेदारी किसको दी गई और जिसको दी गई है वह क्या देख रहे हैं

इनका कहना है....

  वर्ष 2019 से आज दिनांक तक शासन से बच्चों के लिए गणवेश प्राप्त नही हुई है हमने अपने उच्च अधिकारियों को बता दिए है और इस वर्ष भी नही मिली है।

                                        राजेश महोबिया

                                          ब्लाक समन्वयक मवई

No comments:

Post a Comment