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आख़िर चयन के बाद भी नौकरी क्यों नहीं जिला परियोजना महिला बाल विकास में गड़बड़ झाला...




रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में आये की जा रही नियुक्ति में नियमों को दर किनार कर अपने निजी स्वार्थ के चलते अपने चहेतों को फायदा पहुँचा जा रहा है और इसके शिकार जिले के पढे लिखे सीधे साधे लोग हो रहे है जिसकी शिकायत तो होती है, पर जाँच के नाम पर लीपापोती की जाती है और अभ्यर्थी शिकायकर्ता केवल अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर ही काटते नजर आते है ओर जिनको रेखदेख की जिम्मेवारी सोपी गई है वह खुद ही एक शक के दायरे में आये दिन किसी न किसी गरीब का शोषण किया जाता है और कार्य वाही के नाम पर हाथ की लाई शून्य है विभाग।

             वही मवई में महिला एवं बाल विकास के द्वारा 22 मार्च 2022 से 28 मार्च 2022 तक कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती का विज्ञापन मंडला जिले के मवई जनपद के अंतर्गत किय गया था! जिस का फाइनल रिजल्ट 24 मई 2022 को जारी हुआ था जिसमें लगभग 9 केंद्र शामिल थे खुर्शीपार, खमरिया, खालोड्डी, भरखी, भीमडोंगरी, रहंगी, पिपरी रैयत, बीजा क्रमांक 1 सहाजपुरी क्रमांक 1 जिसमें खुर्सीपार में धनेश्वरी, खमरिया में सुनीता पैक्वार खलौड़ी में गंगा तिलगाम, भरखी में कुमारी नीलम, भीम डोंगरी में कुमारी रेखा रहेंगी में श्रीमती जमुना परस्ते, पिपरी रैयत में  भारती मरावी,बीजा क्रमांक 1 में ममता पंन्द्रे, सहजपुरी क्रमांक 1 में संगीता का चयन हुआ था जिसमे से चार की नियुक्ति होकर उन्हें जॉइनिंग भी दिला दिया गया है मगर 5  केंद्र में अभी भी जॉइनिंग नहीं दिलाई गई है जिसमे से खम्हरिया में, रहंगी में, भरखी में खालोड़ी, एवं बीजा इन केन्द्रो में अभी भी प्रतीक्षा में है कि इन्हें विभाग के द्वारा कब जॉइनिंग लेटर जारी किया जाएगा!!

       आंगनवाड़ी सहायिका के भरोसे नौनिहालों का भविष्य

 केंद्रों में प्रतिदिन सहायिका के द्वारा स्कूल का संचालन किया जा रहा है जिससे छोटे-छोटे बच्चे और उनका आने वाला कल अधर में है लगभग 9:/10 महीने हो गए लेकिन अभी तक सरकार की इस मायूस रवैया से समझ ही नहीं आ रहा है कि इन केंद्रों का भविष्य क्या होगा!

         आपत्ति दर्ज

 सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन 5 केंद्रों में आपत्ति दर्ज कराई गई है जिला समिति गठित होने के बाद इन आपत्तियों का निराकरण होना तय है बेरोजगारी की मार से आहत इन आवेदकों को मुश्किल से जब नौकरी मिली तो इन्हें पंचायत चुनाव से लेकर अभी तक यह कहकर बहलाया फुशलाया जा रहा है कि समिति गठित होने के बाद ही जॉइनिंग दी जाएगी विभागीय अधिकारी एवं सरकार को इन आवेदकों एवं बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना करते हुए संवेदनशील होकर तत्काल जोइनिंग एवं आपत्ति निराकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी चाहिए!

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