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Wednesday, December 21, 2022

प्रदूषित हो रही चकरार नदी,समा रहा कचरा नर्मदा को रखना है साफ तो सहायक नदियों पर देना होगा ध्यान।



  रेवांचल टाइम्स बजा छत्रपति, बैगांचल की जीवन दायनी कही जानी व्वाली चकरार नदी का अस्तित्व बढ़त्ते प्रदूषण के कारण खतरे मे है नदी मे समाहित होता नगर से निकलने वाला कूड़ा कचरा नदी मे प्रवाहित होते निर्मल जल को  लगातार मेला कर रहा है।नगर के टोले मोह्हले की नालीयो से निकलने वाला निस्तार का गन्दा पानी भी नाली के जरिये नदी की  जलधारा मे मिल रहा जो की प्रदूषण को दो गुना बढ़ाने मे सहायक सिद्ध हो रहा है दुकानों होटालो ओर घरो से निकलने बाला अनेक किस्म का वेस्टेज जैसे प्लास्टिक से निर्मित सामग्री ओर तो और  क्लीनिको से  मरीजो के उपचार किये हुए खाली सीरिन्ज निडिल बाटले इत्यादि सभी सीधे नदी मे फेके जा रहे है बिजौरा जाने बाले मार्ग पर पुलिया के नीचे कूड़ा कचरे का ढेर लगे हुए साफ देखा जा सकता है जिसमे तमाम किस्म की प्लास्टिक दारु की खाली बाटले बाल फेके गये है।  जो की नदी के स्वच्छ जल मे घुल मिलकर  बहती जलधारा को प्रदूषित कर देगा गौरतलब है कि चकरार नदी नर्मदा की सहायक नदी है और इसमें बरसात के दिनों में कई जंगली नालों का पानी भी मिलता है जोकि नदी बड़ा रूप लेकर नर्मदा जी में मिलती है बढ़ते प्रदूषण से नर्मदा जल को प्रदूषित होने से नहीं बचाया जा सकता जो की चिंता का विषय है  करंजिया विकासखंड की ग्राम पंचायत के वन ग्राम ठाट पथरा के चकरार गांवख के घने जंगल वनों के मध्य नदी का उद्गम स्थान है यहां से निकलकर नदी जैसे-जैसे आगे की ओर अग्रसर होती है प्रदूषण का खतरा उतना ही बढ़ता जाता है बजाग नगर और गाडा सरई से होते हुए चंदन घाट में जाकर नर्मदा नदी से मिलती है बजाग बिजोरा रोड और बर गांव के नजदीक चकरार नदी के तट पर सब्जी की खेती होती है बताया जाता है कि सब्जियों कि ज्यादा से ज्यादा पैदावार बढ़ाने के लिए इनमें कीटनाशक घातक रसायनों दवाइयों का प्रयोग किया जाता है जो कि अंदर ही अंदर नदी के जल में खुल रहा है जोकि पानी को विषैला बनाने के लिए काफी है सचकरार नदी के तट पर खुले में सुबह शाम लोग शौच भी करते हैं जिससे नदी का पानी दूषित हो रहा है नर्मदा के जल को स्वच्छ बनाने के लिए जितने प्रयास किए जा रहे हैं उतने ही प्रयास इसकी सहायक नदी चकरार को साफ सुथरा रखने के लिए किया जाए तो बेहतर होगा


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