बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को मिली सजा... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

🙏जय माता दी🙏 शुभारंभ शुभारंभ माँ नर्मदा की कृपा और बुजुर्गों के आशीर्वाद से माँ रेवा पब्लिकेशन एन्ड प्रिंटर्स का हुआ शुभारंभ समाचार पत्रों की प्रिंटिग हेतु संपर्क करें मोबाईल न- 0761- 4112552/07415685293, 09340553112,/ 9425852299/08770497044 पता:- 68/1 लक्ष्मीपुर विवेकानंद वार्ड मुस्कान प्लाजा के पीछे एम आर 4 रोड़ उखरी जबलपुर (म.प्र.)

Wednesday, November 16, 2022

बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को मिली सजा...


रेवांचल टाइम्स - जिला सिवनी के थाना उगली के अंतर्गत उक्‍त प्रकरण माननीय पुलिस अधीक्षक महोदय सिवनी द्वारा जघन्‍य सनसनी खेज की श्रेणी में रखा गया था एंव इसकी विवेचना गंभीरता पूर्वक थाना उगली के थाना प्रभारी के द्वारा की गई थी, घटना का संक्षिप्‍त विवरण इस प्रकार हे कि  पीडिता के माता ने थाना उपस्थित होकर दिनांक 12/09/2021 को बताया कि मै और मेरा पति अपने नए घर गए हुए थे, तब पुराने घर से ससुर के चिल्‍लाने की आवाज आयी तब मै और मेरे पति ने जाकर देखे तो मेरे ससुर मेरी बेटी(पीडिता) उम्र 05 साल, को पटटन से नीचे उतार रहे थे, और मेरी बेटी रो रही थी, तब गाव के कोटवार ने मेरी बेटी से पूछा तो उसने बताया कि उनके घर मे किराये से रहने वाला आरोपी आशीष नागरे पिता चितरंजन काकोडिया उम्र 29 साल निवासी बांग डेागंरी थाना उगली , मुझे पटटन पर ले गया, पटटन पर ले जाकर पीडिता के साथ गलत काम किया।


मीडिया सेल प्रभारी प्रदीप कुमार भौरे  जिला सिवनी ने बताया कि पुलिस ने अपराध क्रमांक 183 /2021 , धारा 376(ए)(बी) भा0द0वि0 एंव 5(एम) सहमठित घारा 6 बालको से संरक्षण अधिनियम 2012 का अपराध पंजीबद्ध किया गया था एंव अभियुक्‍त को दिनांक 13/09/2021 को गिरफतार किया गया तब से आरेपी जेल में निरूद्ध है। विशेष लोक अभियोजक श्रीमति दीपा ठाकुर(मर्सकोले) के द्वारा विशेष रूचि लेकर गवाहों एवं सबूतों को न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया एंव तर्क दिया गया कि अभियुक्‍त के द्वारा मासूम पीडिता के साथ ऐसा घिनौना कृत्‍य किया गया है। जिला अभियोजन अधिकारी सिवनी के सबूतो एवं तर्को से सहमत होते हुए माननीय विशेष् न्‍यायाधीश(पाक्‍सो) महोदय द्वारा आज दिनांक 15 /11/2022 को निर्णय पारित करते हुए आरोपी को धारा- 5(एम) सहमठित घारा 6 बालको से संरक्षण अधिनियम 2012 में 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।

No comments:

Post a Comment