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Wednesday, November 2, 2022

आदिवासी महिला पुरुष के साथ हुई मारपीट, पुलिस कर रही मामले को दबाने की कोशिश महिला को कहा कि हम तेरे नोकर है क्या - लगे आरोप, देखें वीडियो...





रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में पुलिस के अनेक रूप देखे जा सकते है कही लोगों की मदद करने में सामने आ रही है तो कही अपराधियों को बचाने में लगी है तो कही जुआ सट्टा शराब गांजा तस्करी करने वालो को शरण दे रखी है और उन पैसों वालो के साथ पुलिस पूरी हमदर्दी दिखा रही है और उनके एक कॉल पर हाज़िर रहती है। 

        वही मध्य प्रदेश पुलिस का नारा है कि वर्दी भी हमदर्दी भी शायद सच हो रहा है जहाँ गरीब न्याय पाने थाने जाते है तो उनसे सौतेला व्यवहार करते है क्योंकि वो उनकी कुछ मदद नही कर सकते बल्कि वो उनसे मदद की गुहार लगाते है। वही जनचर्चा में आई मंडला पुलिस की ये कैसी हमदर्दी जो माफियाओं राज को बढ़ावा और गरीबों के साथ सौतेला व्यवहार वही जानकारी के अनुसार बिछिया बीते सोमवार दिनांक 24 अक्टूबर को दिन दहाड़े एक आदिवासी महिला के साथ मोहल्ले के एक ही परिवार की चार से पांच महिलाओं ने जमकर मारपीट की थी और मारपीट में उस आदिवासी महिला जिसका नाम गंगोत्री आर्मो है को चोट भी आई थी।  


महिला ने थाने पहुंचकर अपनी आपबीती बताई और लिखित आवेदन दिया किंतु पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जिसके कारण मारपीट करने वालों के हौसले और बुलंद हो गए ।


अगले दिन आदिवासी पुरुष को बेरहमी से पीटा गया


दिन मंगलवार को पीड़िता के पति प्रेमलाल के साथ घर में घुसकर लाठी डंडे से मारपीट की गई जिसकी शिकायत पुनः दोनो ने बिछिया थाने पहुंचकर की लेकिन दुर्भाग्य कि पुलिस के द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है । 


पीड़ित को नहीं दी गई आवेदन की कॉपी


पीड़ित व्यक्ति को बिछिया पुलिस ने उसके द्वारा दर्ज की गई शिकायत की कॉपी भी नही दी और इलाज करवाकर घर भेज दिया गया इससे साफ समझ में आता है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है ।


पीड़ित और पीड़िता ने जो बताया वो पुलिस ने नही लिखा


पीड़ित और पीड़िता का कहना है कि उनके साथ जिन लोगों ने मारपीट की है उन सभी का नाम पुलिस ने नहीं लिखा क्योंकि अधिक लोगों के नाम में कार्रवाई बढ़ जाती है । 


पीड़ित को भी घर में घुसकर 5 से 6 लोगों में मारा और पीड़िता को भी सड़क पर लिटा कर 5 से अधिक लोगों ने मारा है जो कि वायरल वीडियो में भी स्पष्ट देखा जा सकता है किंतु पुलिस के द्वारा दोनो घटनाओं के सभी आरोपियों के नाम नही लिखे गए।  


8 दिन से थाने के चक्कर काट रही पीड़िता और पीड़ित व्यक्ति


पीड़िता ने बताया कि वे लोग 8 दिन से थाने के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और उन्हें अपने घर में डर लग रहा है क्योंकि तीन दिन के अंदर दोनो के साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई है । 


आखिर आरोपियों को क्यों बचा रही पुलिस


पीड़ित पक्ष ने बताया कि आरोपियों में से एक आरोपी राजकुमार(पिंकू) राजपूत है जो कि बिछिया अस्पताल में अनाधिकृत तरीके से काम कर रहा है और ड्रेसिंग पट्टी के साथ टाके भी लगाता है इसी कारण पुलिस से उसका मिलना जुलना है और पुलिस उसे और उसके परिवार के लोग जिन्होंने मारपीट की है उन्हे बचाने का प्रयास कर रही है । 


बिछिया अस्पताल में अनाधिकृत तौर पर आरोपी करता है काम


आरोपी बिछिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाई लेने देने से लेकर टाका, चीरा , पट्टी और मरीजों का इलाज करता है जबकि वह न तो अस्पताल का कर्मचारी है और न ही कोई एक्सपर्ट । सवाल ये उठता है कि इसे अस्पताल में रखा किसने है और कैसे ये अस्पताल के अंदर संवेदनशील काम कर रहा है । कई लोगों का कहना है कि आरोपी पिंकू राजपूत दिन भर शराब के नशे में रहता है और अस्पताल में कई प्रकार के गंभीर इलाज करने लगता है । 


भादवि की धारा 452, 323, 294 और 506, 147, 148 बलवा सहित अनु. जनजाति एक्ट की प्रकृति का है यह अपराध


पीड़ित पक्ष के बताए अनुसार उनके साथ जो घटना हुई है वह भादवि की धारा 452 याने की ग्रह अतिचार की श्रेणी में आने वाला मामला है और इसके अलावा अन्य कई धाराओं के अंतर्गत उक्त घटना में कार्यवाही की जानी चाहिए साथ ही इसमें मारपीट अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ हुई है तो एट्रोसिटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई होनी चाहिए और पुलिस के द्वारा उक्त घटना की अनदेखी की जा रही है जबकि यह गंभीर प्रकृति का अपराध समझ में आता है ।


मारपीट का वीडियो भी हुआ था वायरल - उसके बाद भी पुलिस ने नही की कार्रवाई


उक्त पीड़ित महिला के साथ जो मारपीट हुई थी उसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था लेकिन पुलिस विभाग ने मामले को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया और किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की । 

       पीड़ित पक्ष में महिला और पुरुष दोनों के साथ एक एक करके मारपीट की गई जिसकी शिकायत  भी करने पीड़ित पक्ष थाने पहुंचे पर थाने से न्याय न मिलने के कारण पीड़ित पक्ष ने सीएम हेल्पलाइन 181 में उक्त मामले की शिकायत की है और जिले के पुलिस अधीक्षक महोदय से न्याय की गुहार लगाई है ।

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