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Monday, November 7, 2022

बडे वेअबरू होकर तेरे कुचे से हम निकले... बडे दिनों बाद आये मुख्यमंत्री बिना कार्यकर्ताओं से मिले उडऩ खटोले में उड़े...



रेवांचल टाईम्स - प्रदेश अध्यक्ष को आलोक ने नगर में घूमाया, ग्रामीण कार्यकर्ताओं से मिलने तक नहीं दिया

मंच पर खाली कुर्सी देख प्रदेश अध्यक्ष ने भविष्य में युवा सम्मलेन कराने की बात रखी।


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा का प्रथम बार सिवनी नगर आगमन हुआ था और उन्हें उम्मीद थी कि जिस विश्वास के साथ जिले की बागडोर उन्होंने आलोक दुबे को सौंपा था और उन्हें उम्मीद थी कि उनके आगमन पर लाखों लोग उनका स्वागत करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेगे लेकिन जब उन्हें स्वागत करने एवं बोलने का अवसर मिला तो पंडाल में कुर्सीयां खाली थी सुनने वालों की संख्या पचास –सौ थी जिसे देखने के बाद उन्होंने बात को सम्हालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आने के कारण नव युवको का सम्मलेन वैसा नहीं हो पाया जैसे होना चाहिए था लेकिन इस कार्यक्रम को हम भविष्य करेगें वहीं दूसरी ओर उन्होंने जिस तरह से कार्यकर्ताओं से दूरी बनाई इससे स्पष्ट है कि सिवनी की कार्यकारिणी से वे खुश नहीं है। और भविष्य में हो सकता है वह जिला अध्यक्ष को बदल सकते है।

ग्रामीण क्षेत्र से आये हुए कार्यकर्ताओं को उनसे मिलने नहीं दिया गया जिसके कारण उन कार्यकर्ताओं आक्रोश देखा गया। उन कार्यकर्ताओं  ने कहा कि क्या हम लोग इस कार्यक्रम में भीड़ बढऩे आये थे क्या हम लोगों का पार्टी में कोई स्थान नहीं है। आश्चर्य तो तब हुआ जब इस कार्यक्रम से पूर्व जिला अध्यक्ष सुजीत जैन को भी कार्यक्रम से दूर रखा गया। जबकि इस कार्यालय की शुरूआत अटल परिसर के नाम से सुजीत जैन ने रखी थी ना तो उनका नाम मंच पर लिया गया और ना ही उन्हें मंच पर स्थान दिया गया।

यही स्थिति मुख्यमंत्री के साथ भी देखने को मिली उन्होंने सिवनी में आना तो उचित समझा लेकिन उनके बरताव से ऐसा लगा जैसे अनमने मन से वे सिवनी आये है क्योंकि लंबे समय से मेडीकल कॉलेज उद्योग को लेकर सवाल उठाये जा रहे है लेकिन जिला अध्यक्ष आलोक दुबे मौनी बाबा बने बैठे है। ऐसी स्थिति में लोगों को ठिकरा विधायक पर फोडऩा पड़ रहा है। सिवनी में आलोक दुबे सिर्फ विभागों से फोन पर ही बाते करते है और उनके लगुआ भागुआ इन विभागों से संपर्क कर क्या करते है यह बताने की आवश्यकता नहीं आज भी कार्यकारिणी के सदस्य यह कहते है कि आलोक दुबे सिर्फ चंद लोगों पर ही विश्वास करते है और कार्यक्रम को लेकर उन्हें दायित्व सौपेते है हम तो पार्टी में शोभा की सुपारी बने है। हमारी पार्टी में कोई औकात नहीं है। मन मार के हम लोग मौन है।

सूत्रों की माने तो जिला अध्यक्ष आलोक दुबे अनेक स्थानों पर प्लाट खरीदकर कॉलोनी का निर्माण कर रहे है। और नगर में तो उनके खिलाफ अवैध कॉलोनी के नाम पर एफआईदर्ज करने जैसे समाचार भी सुखियों मे रहे है। जहां एक ओर पार्टी में संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय के सिंद्धातों की बात की जाती है लेकिन यहां तो सिर्फ वसूली अभियान ही चल रहा है। किसी विभाग में स्थानातंरण की बात हो तो यहां पर दान दक्षिणा के बाद मन माफिक स्थान आपको मिल सकता है। इसी तरह जो काम 70 वर्षो में कांग्रेस नहीं कर पाई वह काम आलोक दुबे के कार्यकाल में हो रहा है।

देखा गया कि कार्यक्रम के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता संतोष अग्रवाल जो कि कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष भी है उन्हें भी नजाने किस कारण से कार्यक्रम से दूर रखा गया क्योंकि वह विधायक दिनेश राय के निकट माने जाते है और उनके कार्यक्रम में हस्तक्षेप से आलोक दुबे का कद कम हो सकता था कार्यकर्ताओ को इस बात की भी नाराजगी है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को आलोक दुबे ने अपने निकटतम लोगों के घर घर ले गये लेकिन जो जमीनी कार्यकर्ता है उनसे मिलने भी नहीं दिया गया।

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