दैनिक रेवांचल टाइम्स - डिंडोरी मध्यप्रदेश सरकार के तत्वावधान में स्थापना दिवस के एक सप्ताह के कार्यक्रम में वनीय अमला क्षेत्र की जनता को जगाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसमें अनेक स्थानों पर लोगों को स्लोगन लेखन कर वन और वन्य जीव के संरक्षण के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वन परिक्षेत्र करंजिया पश्चिम में भी वन परिक्षेत्र अधिकारी प्राची मिश्रा के दिशानिर्देशन में जंगल संरक्षण के लिए प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है जहां लोगों को जागरूक करने के लिए अनेक स्लोगन लिखे जा रहे हैं।
"वन्य जीवो के लिए प्रेम जगाओ, वन को तुम न आग लगाओ. ...
बेजुबान है वन्य जीव बेचारे लेकिन है सच्चे मित्र हमारे ...
वन्य जीवों को मारने से बिगड़ेगा धरती का संतुलन ...
जीव संरक्षण की कसम खाओं ...
सब गडबड हो जाएगा यह पारिस्थितिक तंत्र, ...
सभी अपना कर्तव्य पहचानों, ...
जंगल बचाओ, वन्य जीव बचाओ, ...
मत करो करों जीव हत्या का काम"
वैसे जल, जंगल और वन्य जीवों को बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है और सबसे बड़ी बात यह है कि लगातार जिले में घटता वनीय क्षेत्रफल लगातार कम होता जा रहा है जिससे शासन और विभाग के साथ साथ समाज सेवी और पर्यावरण विद चिंता में हैं। कुछ सालों पहले तक जिले के जंगल पूरे प्रदेश की सान हुआ करते थे पर अब लगातार कटते वृक्ष और वन्य जीवों की हत्या हमारे पर्यावरण को प्रभावित कर रहे हैं। जिससे हमें चेतने की आवश्यकता है।

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