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मवई विकासखंड वन परीक्षेत्र के गांवों में नहीं थम रहा हाथियों का उत्पात वन विभाग बना धृष्टराज...




दैनिक रेवांचल टाइम्स - मंडला जिले के विकास खंड मवई में 15 नवंबर 2022 मंगलवार, इन दिनों जम का हाथियों ने आतंक मचा रखा है ग्रामीणों की फसल मकानो में जम तोडफ़ोड़ करते हुए लोगो का नुकसान कर रहे है और जिनको ये इनकी जिम्मेदारी दी गई वो सुकून की नींद में सो रहे है उन्हें इन ग़रीब के हुए नुकसान से कोई लेना देना नही बस ये जंगल विभाग में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी किसी जंगली हाथियों से कम नही है जो इन्हें किसी के नुकसान से कोई मतलब नही है। अब तक जाने कितनी खबरें भिन्न-भिन्न समाचार पत्र पत्रिकाओं न्यूज़ चैनलों के माध्यम से प्रकाशित हो रही हैं हाथियों के आतंक को लेकर 'परंतु क्या कोई समाधान निकल पाया ? अन्न, धन के साथ ही जनहानि भी हो चुकी है 'परंतु क्या इन सभी घटनाओं और दुर्घटनाओं की जानकारी शासन अथवा प्रशासन तक पहुंच चुकी है ? अगर पहुंची है तो क्या कोई सार्थक कार्य संभव हो सका है ? क्या किसी पीड़ित परिवार को मुआवजा अथवा क्षतिपूर्ति अथवा कोई सहायता मिल पाई है ?क्या शासन और प्रशासन इसका समाधान करने में सक्षम साबित हो पाया है ? यह सभी प्रश्न यक्ष प्रश्न की तरह चुभ रहे हैं |

    वन परिक्षेत्र के सठिया 'बसनी ' पौड़ी ' बरमुंडा 'मेढ़ा ,जमगांव 'सूरजपुरा ' पखबार ' बरगांव ' बिलाई खार ' मेढ़ा घाट 'मोती -  नाला आदि सभी क्षेत्रों में जंगली हाथियों का दल तबाही मचा रहा अभी 1 दिन पूर्व ही पखवार ' बरगांव में भी खड़ी फसलों और एकत्रित फसलों को तहस-नहस कर दिए |सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात में फिर से गूरू नाम के व्यक्ति का घर तोड़फोड़ कर दिए ।मेढ़ाघाट के पास नैन सिंह धुर्वे का घर ' रेशम केंद्र बिलाई खार में गुड्डू ओझा का घर भी तोड़फोड़ कर घर में रखे धान एवं मक्का खा गए और कुछ नष्ट कर दिए |  आलम यह है की ग्रामीण और वन परिक्षेत्र के लोग भय और दहशत में जीवन जीने को मजबूर  हैं ।कच्चे मकान के रहवासी अन्य लोगों के घरों में कहीं छतों में आश्रय लेने लगे हैं |

     समाजसेवी इमरान खान द्वारा रेंजर से संपर्क किए जाने के बाद स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचकर हाथियों के दल को भगाने का प्रयास किया गया । गांव में प्रकाश व्यवस्था की कमी के कारण भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है |कड़ाके की ठंड में इन ग्रामीणों को देखिए बेचारे किस कदर परेशान हैं । रात्रि में लगभग 12:30 बजे मेढ़ा घाट की ओर हाथियों का दल भाग गया ।एक सूचना और मिली है कि रात्रि में ही गिंदिया बाई नाम की एक महिला जो जंगल किनारे अकेले मकान बनाकर रहती है उसके मकान को भी तहस-नहस कर डाला हाथियों के दल ने 'बड़ी मुश्किल घर से भागकर जान बचाई बेचारी ने । अभी फिर से सुबह बहुत से लोग एकत्रित होकर के गांव के आसपास जंगलों झाड़ियों में सर्चिंग कर रहे हैं ।

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