नैनपुर जनपद पंचायत सीईओ ने लूटा सरकारी माल शासन के डीजल में जबलपुर से नैनपुर करती थी, उपडाउन... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

🙏जय माता दी🙏 शुभारंभ शुभारंभ माँ नर्मदा की कृपा और बुजुर्गों के आशीर्वाद से माँ रेवा पब्लिकेशन एन्ड प्रिंटर्स का हुआ शुभारंभ समाचार पत्रों की प्रिंटिग हेतु संपर्क करें मोबाईल न- 0761- 4112552/07415685293, 09340553112,/ 9425852299/08770497044 पता:- 68/1 लक्ष्मीपुर विवेकानंद वार्ड मुस्कान प्लाजा के पीछे एम आर 4 रोड़ उखरी जबलपुर (म.प्र.)

Wednesday, November 23, 2022

नैनपुर जनपद पंचायत सीईओ ने लूटा सरकारी माल शासन के डीजल में जबलपुर से नैनपुर करती थी, उपडाउन...




रेवांचल टाईम्स - जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने अनियमितिता का लगया आरोप, सीईओ पर जिला प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई तो कमिश्नर को लिखा पत्र

कहते हैं। नैनपुर अधिकारियों के पैसा कमाने की जगह हैं। क्योंकि यहाँ की जनता इतनी भोली है। जनता को सांसद विधायक तो मूर्ख बना ही रहें अब तो सरकारी अधिकारी भी इसका सीधा लाभ ले रहे हैं और जब कभी कोई शिकायत होती है। शिकायत कर्ता को झूठी शिकायत में उलझने की पुरजोर कोशिश होती है। और अधिकतर मामलों में जनपद पंचायत सीईओ ने गोलमाल किया है। और जिसकी परत धीरे धीरे खुल रही है।वही

 जनपद पंचायत नैनपुर में पदस्थ पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर भ्रष्टाचार का अरोप लगा। जिसकी शिकायत जिला प्रशासन को नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने की है। लेकिन अनियमितता की जांच व कार्रवाई नहीं हो सकी। जिसके बाद अब कमिश्नर जबलपुर को लिखित एवं प्रमाण दस्तावेजो के साथ शिकायत की गई है। जनपद पंचायत अध्यक्ष ओमवती उईके एंव उपाध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह राजपूत ने बताया कि तात्कालिक मुख्य कार्यपालन अधिकारी नैनपुर द्वारा अपने कार्यकाल में आर्थिक अनियमित्ता की गई है। वाहन व डीजल के बिल लगाकर लाखों रुपए अपने कार्यकाल में निकाले गए हैं। लगातार नैनपुर से जबलपुर अपडाउन करती है। इतना गोलमाल करने के बाद शासन ने उनको पद्दोन्त कर दिया। और मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्थान्तरण होकर भी चली गई। 

पूर्व जनपद सदस्यों का शासन से मिलने वाला मानदेय आवंटन राशि शासन को वापस किया

जनपद पंचायत नैनपुर के पूर्व जनपद सदस्यों का शासन से मिलने वाला मानदेय आवंटन राशि 8 लाख 84 हजार रुपए बिना परिक्षण किए 31 मार्च 2022 को शासन को समर्पित कर दिया गया। जिससे पूर्व पदाधिकारियों का मानदेय भुगतान लबित है। मानदेय भुगतान न होने के कारण पूर्व जनपद सदस्यों पदाधिकारियों ने रोष व्याप्त है। जिसकी जानकारी जिला कार्यालय को दी गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। दूसरे मामले में जनपद के एकल खाते में प्राप्त होने वाले आवंटन पर बैंक द्वारा ब्याज दिया जाता है। जिसका तात्कालिक मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा दुरूपयोग किया गया है। व्यय की गई राशि का ब्यौरा सामान्य प्रशासन समिति के समक्ष नहीं रखा गया। वहीं सामान्य प्रशासन की बैठक आहूत करने के लिए तात्कालिक मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष संबंधित लिपिक के माध्यम से तिथी तय करने के लिए नोटशीट भेजी गई। जिसपर बिना कोई टीप अंकित किए नस्ती लौटा दी गई और ना ही इस संबंध में कोई चर्चा की गई। जिससे स्थाई समिति के सभापति में रोष व्याप्त है तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। जिसकी सूचना जिला कार्यालय को की गई है। मगर जिला प्रशासन की तरफ से कार्यवाही शून्य नजर आ रही है। मगर जनता और जनप्रतिनिधियों  के विरोध से लग रहा है। मामला संगीन है। जिसमें अधिकारी ने मोटी रकम का गोलमाल किया है।



 पंचायतों में मड़ाई की नही नीलामी जनपद पंचायत को हुआ राजस्व का नुकसान


जनपद पंचायत नैनपुर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में दीपावली के दूज से अनेक स्थानों में मड़ई का आयोजन होता है। जिसकी नीलामी करने से जनपद की आय होती है। जिसे भी तात्कालिक मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा मंडई नीलामी के संबंध में सामान्य प्रशासन समिति के समक्ष नहीं रखा गया और न ही नीलामी हेतु स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञप्ती जारी की गई, जिससे मड़ई नीलामी नहीं हुई। लापरवाही के कारण जनपद नैनपुर को आर्थिक क्षति  और जनपद पंचायत को राजस्व का नुकसान हुआ है। 


जनपद पंचायत सीईओ करती है। अपडाउन

      जनपद पंचायत सीईओं की शिकायत नैनपुर मुख्यालय में नहीं रहती थी। जबलपुर से नैनपुर आना-जाना  उपडाउन करती थी। इनके द्वारा सप्ताह में 2 या 3 दिन बार और दोपहर के बाद आती है।और शाम को पुनः अपने निवास स्थान जबलपुर चली जाती थी। जिससे दूरदराज से आये हुए ग्रामीणों की समस्या का निदान नहीं हो पाता है। साथ ही सीईओ के द्वारा अधिग्रहण वाहन की लॉक-बुक की भी जांच कराने भी लिखा गया है। उपाध्यक्ष अमरेन्द्र राजपूत ने बताया गया कि वाहन ओर डीजल के फर्जी बिल लगाए गए हैं, बिलों की जांच भी की जाए और शासकीय धन की बसूली की जाए उपरोक्त शिकायत मुख्य सचिव मप्र शासन भोपाल, विशेष सहायक मंत्री मप्र शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कलेक्टर मंडला एंव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को की गई है। मगर क्या शासन में बैठे अधिकारी जनपद पंचायत सीईओ पर कार्यवाही करेंगे या एक बार जनप्रतिनिधियों को मुकि खानी पड़ेगी

No comments:

Post a Comment